फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफसरों की लापरवाही से 291 छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर

विज्ञापन
विज्ञापन
बड़ौत (बागपत)। बूढ़पुर के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक और कंपोजिट विद्यालय में पढ़ने वाले 291 छात्र-छात्राओं के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। 15 दिन से इन छात्र-छात्राओं को न तो मिड-डे मील मिला है और न ही वार्षिक परीक्षाएं ही कराई जा रही है। हालात ऐसे है कि स्कूल के एक कमरे में रखा गया मिड-डे मील का खाद्यान्न भी खराब हो रहा है। स्कूल की प्रधानाध्यापिका आठ मार्च से चिकित्सीय अवकाश पर है, लेकिन अन्य कोई भी शिक्षक जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। जिम्मेदार अधिकारी भी चुप्पी साधे बैठे है। हर कोई अपनी जिम्मेदारी को एकदूसरे पर टाल रहे है।
विज्ञापन

बूढ़पुर के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक और कंपोजिट विद्यालय में 291 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। इन सभी को 15 दिन से मिड डे मील नहीं दिया गया है। प्रधानाध्यापिका चित्रा आठ मार्च से अनुपस्थित चल रही है, जिस कारण छात्र-छात्राओं को दोपहर को मिड-डे मील देना ही बंद कर दिया गया। ऐसा नहीं कि स्कूल में अन्य स्टाफ नहीं है। विद्यालय में आठ शिक्षक और एक शिक्षा मित्र है, लेकिन कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। उधर, चिकित्सीय अवकाश पर गई प्रधानाध्यापिका चित्रा का कहना है कि मेरे पास विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के चार्ज का कोई लिखित और मौखिक आदेश नहीं है। फिलहाल बीमार हूं और मेडिकल छुट्टी पर हूं। वहीं, अन्य स्टाफ का कहना है कि प्रधानाध्यापिका चित्रा विद्यालय के किसी दूसरे शिक्षक को चार्ज देकर नहीं गई। छात्र-छात्राओं के भविष्य के जिम्मेदारों के इस टालमटोल वाले रवैये का खामियाजा यह हुआ है कि स्कूल के कमरे में रखा मिड-डे मील का खाद्यान्न भी खराब हो रहा है। चूहों ने बोरे कई स्थानों से काट दिए है। जमीन पर बिखरे पड़े खाद्यान्न में पूरा दिन चूहे रेंगते रहते है। आठ मार्च के बाद से एक दिन भी बच्चों को खाना, दूध, केला उपलब्ध नहीं कराया गया है।
विद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं को संज्ञान में लेते हुए कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और मिड-डे मील व्यवस्था को सोमवार से शुरू कराया जाएगा। - प्रकाश चंद, एबीएसए।
विज्ञापन

किसी ने भी एक बार विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य के बारें में नहीं सोचा। अब मामला उजागर हुआ तो विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया। शनिवार को एबीएसए ने विद्यालय मेें तैनात शिक्षक मनोज को प्रधानाध्यापक का चार्ज दिया है। साथ ही सोमवार से विद्यालय मेें मिड-डे-मील बांटने के लिए निर्देशित किया है।
नोटिस जारी हुआ तो कराई गई वार्षिक परीक्षा
बेसिक स्कूलों में 21 मार्च से वार्षिक परीक्षाएं कराने के शासन के आदेश थे। मगर, बूढ़पुर के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक और कंपोजिट विद्यालय में चल रही अव्यवस्थाओं के कारण बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं तक नहीं कराई गई थी। ग्राम प्रधान सचिन सहित अन्य ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अफसरों को लिखित व मौखिक शिकायतें की। शुक्रवार को बीईओ ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसका असर यह हुआ कि शनिवार को सहायक अध्यापक मनोज को प्रधानाध्यापक का चार्ज दिया गया है। उन्होंने शनिवार को बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं शुरू कराई। एबीएसए ने निरीक्षण भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें