फूलों से तीन से चार हजार रुपये वसूलकर दुल्हन की कार सजाई जाती है। पिछले कई वर्ष से यह गोलमाल चल रहा है। ऐसा नहीं है कि प्रशासनिक अफसरों को इसकी जानकारी नहीं है, फिर भी कार्रवाई करने की बजाए उक्त व्यक्ति पर मेहरबान बने हुए हैं।
यह बोले एसडीएम
इस मामले में एसडीएम सुभाष सिंह ने बताया कि तहसील प्रांगण के पीछे खाली पड़ी जमीन में कई वर्ष से झाड़ियां उग जाने के कारण आसपास बने आवासों में अक्सर सांप व बिच्छू घुस जाने का खतरा रहता है। तहसील के पीछे बकायादारों के लिए हवालात भी है। जिसको देखते हुए सफाई रखना बेहद अहम है।
ऐसे में एक व्यक्ति को काम दे रखा है, जो सफाई करता है। फूलों की दिल्ली में सप्लाई व हजारोंं रुपये लेकर कार सजाने के मामले की जानकारी नहीं है। ऐसा है तो उक्त व्यक्ति से राजस्व के रूप में धनराशि जमा करवाई जाएगी