बागपत। प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्त मिलने के बावजूद मकान निर्माण शुरू नहीं कराने का मामला सामने आया है। एक या दो नहीं बल्कि जिले में ऐसे लोगों की संख्या 50 से अधिक है। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) ने इन मामलों की जांच शुरू करा दी है। साथ ही ऐसे लोगों को नोटिस भेजे गए हैं। चेतावनी दी गई है कि अगर मकान का निर्माण नहीं किया तो रिकवरी की जाएगी।
जिले के शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण कराए जा रहे हैं। ऐसे भी 50 से अधिक पात्र मिले हैं, जिन्हें कई-कई महीने पहले पहली किश्त के तौर पर 50 हजार रुपये भेज दिए गए। मगर, अभी तक उन्होंने आवास का निर्माण ही शुरू नहीं किया। डूडा ने कर्मचारियों को भेजकर इन लोगों को मकान निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए। बार-बार कहे जाने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं कराने पर अब ऐसे लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
जिला नगरीय विकास अभिकरण की परियोजना निदेशक रजनी पुंडीर का कहना है कि लगभग 50 ऐसे लोग हैं, जिन्होंने किश्त लेकर निर्माण शुरू नहीं कराया है। अगर जल्द ही इन लोगों ने मकान बनाने का कार्य शुरू नहीं किया तो पहली किश्त की रिकवरी की जाएगी। साथ ही इनकी पात्रता भी रद्द की जाएगी।
यहां बन रहे मकान
बागपत। पालिका क्षेत्र बागपत, बड़ौत और खेकड़ा के अलावा नगर पंचायत क्षेत्र अग्रवाल मंडी टटीरी, अमीनगर सराय, टीकरी, दोघट, छपरौली में आवास निर्माण का कार्य चल रहा है। देहात क्षेत्र में योजना का कोई पात्र नहीं मिला था।
पीएम आवास योजना की स्थिति
पहली किश्त- 6758
द्वितीय किश्त- 4466
तृतीय किश्त - 945
अधूरे मकान (छत शेष) -2238
बीमारी में खर्च हो गए रुपये
बागपत। जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा की परियोजना निदेशक रजनी पुंडीर का कहना है कि कई पात्रों ने निजी खर्च में किश्त खर्च कर दी है। प्रार्थना पत्र देकर अब समय बढ़वाने की मांग कर रहे हैं। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बीमारी के प्रार्थना पत्र सबसे ज्यादा हैं।
12 हजार 209 योजना के पात्र
बागपत। प्रधानमंत्री आवास योजना के जिले में कुल पात्र 12 हजार 209 हैं। सैकड़ों आवेदन पत्रों की जांच चल रही है। अब तक चुने गए पात्रों में किसी को प्रथम, किसी को द्वितीय और किसी को तृतीय किश्त का लाभ मिल चुका है।
इस तरह मिलती है किश्त
बागपत। पीएम आवास योजना में पहली किश्त 50 हजार रुपये, दूसरी किश्त डेढ़ लाख रुपये और तीसरी किश्त में 50 हजार रुपये की आर्थिक राशि प्रदान की जाती है।