दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर निर्माण से जुडी खबर से संबंधित फोटो। बिजरौल गांव में धरने पर
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बड़ौत। बिजरौल गांव में बेटी वंशिका की शादी और विदाई के बाद सोमवार को परिजनों ने अपनी जमीन को बचाने के लिए धरना दिया। उन्होंने कहा कि जमीन के लिए हक की लड़ाई जारी रहेगी और रात्रि में निगरानी रखने का निर्णय लिया गया।
बिजरौल गांव के किसान देशपाल सिंह की तीन साल पहले करीब पांच एकड़ भूमि का दिल्ली-देहरादून इकाॅनमिक कॉरिडोर निर्माण के लिए अधिग्रहण किया गया था। अब दोबारा से किसान की करीब एक बीघा जमीन का अधिग्रहण करने का प्रयास किया जा रहा है। रविवार को गांव में पहुंचे एनएचएआई के भूमि अधिग्रहण अधिकारी अंकित व उनकी टीम ने जमीन पर कब्जे का प्रयास किया तो वहां हंगामा हो गया।
परिवार के साथ ही देशपाल की बेटी वंशिका भी धरने पर बैठ गई, जिसकी रविवार को शादी होनी थी। विरोध को देखकर टीम वापस लौट गई। वहीं शादी सम्पन्न होने के बाद वंशिका की विदाई हो गई। सोमवार को फिर से वंशिका के परिजन निर्माणाधीन कॉरिडोर के पास मौजूद अपनी जमीन पर पहुंचे। दोपहर बाद परिजनों ने जमीन पर धरना प्रदर्शन किया।
उन्हें डर सता रहा है कि प्रशासन खेत में उनके बने कमरों को गिराकर कब्जा कर सकता है। परिवार के सुबोध तोमर का कहना था कि रात में निर्माण न किया जाए, इसलिए वहां निगरानी रखी जाएगी। इस दौरान यशपाल, सुबाेध, रेखा, पूनम, ज्योति, नीरज, धर्मवीर आदि शामिल रहे।