मौसम पर ठंड का रंग चढ़ने लगा है। पारा रोज लुढ़क रहा है। दिन का पारा 25 तो रात में 11 डिग्री तक पहुंच गया है। कोहरे की चादर आसमान को ढकने लगी है। यातायात भी प्रभावित होने लगा है। सोमवार को इस कारण कई ट्रेनें प्रभावित हुई। मौसम विशेषज्ञों ने अगले कुछ दिनों में पारा ओर गिरने की संभावना जताई है।
पिछले दिनों अचानक मौसम बदला। आंधी के साथ बूंदाबांदी ने मौसम को सर्द बना दिया। इसके बाद से पारा लगातार लुढ़क रहा है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉक्टर गजेंद्र पाल ने बताया कि वायुमंडल में नमी बिल्कुल नहीं है। पश्चिम हिमालय से आए विक्षोभ से शीतकाल ने दस्तक दे दी है। आसमान में बादल छाए हैं।
यही कारण है कि अभी दिन का तापमान ज्यादा कम नहीं हो रहा। जैसे ही बादल छंटेंगे, गलन बढ़ जाएगी। इसके बाद कोहरा भी अपना प्रकोप दिखाएगा। सोमवार दिन निकलते ही आसमान में धुंध के साथ कोहरा छाया हुआ था, ठंडक भी थी, सुबह स्कूल जाते छात्र भी ठंड में ठिठु र रहे थे।
सड़कों पर धुंध के चलते वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। दोपहर बाद सूर्य देव ने दर्शन दिए तो कुछ राहत मिली, लेकिन चार बजे दोबारा आसमान में धुंध छा गई। ठंड के बढ़ते ही लोगों को परेशानी होनी शुरू हो गई। सर्दी से बचने के लिए लोग ने बाजारों की तरफ रुख कर लिया।
बाजार जाकर लोगों ने ऊनी वस्त्रों की खरीदारी की। साप्ताहिक बाजार में लोगों की अच्छी खासी भीड़ रही। सोमवार को पूरा दिन सर्दी के बीच बीता। वहीं आगामी दिनों में सर्दी के साथ कोहरा बढ़ने का भी अनुमान है।