पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में बागपत और छपरौली में मतदाताओं ने वोटों की बारिश कर दी। मतदाताओं ने ऐसा जोश दिखाया कि इस बार जिला पंचायत और ग्राम पंचायत के चुनावों में बागपत विकास खंड में सर्वाधिक 80 प्रतिशत मतदान हो गया।
जबकि छपरौली में 72 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपने गांव के विकास की तकदीर लिखने वाले रहनुमा को चुन लिया। दोनों विकास खंडों में 76 प्रतिशत मतदान हुआ। जनता ने 426 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद कर दी।
बागपत और छपरौली में सुबह सात बजे से ही वोटों बारिश शुरू हो गई। सुबह कड़ाके की सर्दी भी मतदाताओं के जोश को ठंडा नहीं कर पाई। बूथों पर सुबह छह बजे से ही लाइन लगनी शुरू हो गई थी। निवाड़ा में तो सात बजे तक स्कूल से बाहर तक लंबी लाइन लग गई। जोश का आलम यह रहा कि दोनों ही विकास खंडों में सुबह 9 बजे तक 16 प्रतिशत मतदान हो गया।
बागपत के मतदाताओं ने उसके बाद तो जैसे रफ्तार ही पकड़ ली। सुबह 9 बजे से दोपहर बाद 3 बजे तक व्यवस्था को संभालने में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पसीने छूट गए। बागपत ब्लाक के गांव निवाड़ा, सिसाना, गौरीपुर, बली, संतोषपुर में तो शाम तक लाइन ही नहीं टूटी। निवाड़ा में एक ही मतदान केंद्र पर अधिक मतदाता होने के कारण 10 अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए, फिर भी अव्यवस्था बनी रही।
बागपत के मतदाताओं ने इतना जोश दिखाया कि अपराह्न 3 बजे तक ही 73.5 प्रतिशत मतदान हो गया। मतदान समाप्त होने तक समाप्त होने तक 80 प्रतिशत वोटिंग पूरी हो गई। यहां छिटपुट मामलों को छोड़कर किसी भी गांव में कोई बड़ी घटना नहीं हुई। फर्जी वोट डालने के आरोप कई गांवों में लगाए गए।
छपरौली विकास खंड के गांवों में मतदाताओं ने सुबह से तो खासा उत्साह दिखाया। हालांकि दोपहर होते-होते मतदान की गति मंद पड़ गई। मतदाताओं के कम उत्साह के चलते अपराह्न 3 बजे तक 65 प्रतिशत ही मतदान हुआ। जबकि मतदान समाप्त होने तक 72 प्रतिशत वोटिंग हो सकी।