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ऊर्जा निगम के कर्मचारियों की सांकेतिक हड़ताल से लडख़ड़ाई बिजली व्यवस्था

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बड़ौत एक्सईएन प्रथम से रवाना होते बिजली कर्मचारी। - फोटो : BARAUT
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विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर कार्य बहिष्कार व सांकेतिक हड़ताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को ऊर्जा निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार व सांकेतिक हड़ताल से जनपद में बिजली व्यवस्था लडख़ड़ा गई। इस दौरान विद्युत कार्यालय पर ताले लटकने से उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटना पड़ा।
विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह तोमर के नेतृत्व में जनपद के काफी संख्या में विद्युत कर्मचारी एक्सईएन प्रथम कार्यालय पर एकत्रित हुए और निजीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर हंगामा-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश सरकार ऊर्जा निगम के कर्मचारियों का शोषण करने पर तुली है। प्रदेश सरकार द्वारा निजीकरण की तैयारी की जा रही है। विद्युत निगम के कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। इससे निगम के टीजी-2, अवर अभियंता व सहायक अभियंता सहित अधिशासी अभियंता परेशान हैं। कर्मचारी मेरठ मेें चल रही एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। इनमें एसडीओ राणा प्रताप, एसडीओ प्रभात, सुरेंद्र तोमर, अवर अभियंता विकास कुमार, गुलशन कुमार, पवन, नरेंद्र, कपिल, धर्मपाल, सुनील आदि शामिल रहे।
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दफ्तरों पर लटके रहे ताले
ऊर्जा निगम के कर्मियों के कार्य बहिष्कार व एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहने से जनपद के अधिकतर बिजली दफ्तरों पर ताले लटके रहे। इस दौरान विद्युत कार्यों को कराने गए उपभोक्ताओं को भी कार्यालय से मायूस लौटना पड़ा।
परेशानी उठानी पड़ी
पुसार निवासी उपभोक्ता अमर सिंह का कहना है कि विद्युत बिल ठीक कराकर बिजली बिल जमा कराने आया था, लेकिन दफ्तर बंद मिला। उधर, रामबाग कॉलोनी निवासी उपभोक्ता राजेंद्र सिंह भी बिल जमा कराने आए थे, लेकिन उन्हें मायूस लौटना पड़ा।
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अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह तोमर का कहना है कि लंबित विभिन्न मांगों को लेकर जनपद के बिजली कर्मचारियों का एक दिवसीय कार्य बहिष्कार व सांकेतिक हड़ताल थी। यदि प्रदेश सरकार ने जल्द मांग नहीं मानी तो जल्द ही पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
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