- डीपीआरओ ने सभी जगह सफाई कराना बताया तो मलेरिया अधिकारी ने सौ प्रतिशत सर्वे दिखा दिया
- डीएम ने डीपीआरओ का वेतन रुकवाया, दोनों को नोटिस देकर कार्रवाई की चेतावनी दी गई
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। साफ-सफाई व दवाई का छिड़काव कराने के मामले में डीएम को फर्जी रिपोर्ट देने पर डीपीआरओ रमेशचंद गुप्ता व मलेरिया अधिकारी सावित्री देवी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डीपीआरओ का वेतन भी रोक दिया गया है। साथ ही कार्य में सुधार नहीं होने पर दोनों अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी।
कलक्ट्रेट सभागार में संचारी रोग अभियान को लेकर बैठक हुई। वहां डीपीआरओ रमेशचंद गुप्ता ने सफाई कराने, झाड़ियों की कटाई करवाने, नालियों की नियमित सफाई, जलभराव की समस्या का निस्तारण करने, फॉगिंग, एंटी लार्वा दवाई का छिड़काव कराने सहित अन्य बिंदुओं की रिपोर्ट प्रस्तुत की। जब इनका सत्यापन कराया गया तो धरातल पर ऐसा कुछ नहीं मिला। डीपीआरओ द्वारा फर्जी रिपोर्ट देने पर सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही नेशनल व स्थानीय मार्गों, गलियों में झाड़ियों को काटने, नालियों की सफाई करवाने, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, एंटी लार्वा की दवाई का छिड़काव आदि को कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
उधर, जिला मलेरिया अधिकारी सावित्री देवी ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान की रिपोर्ट में 95 से 100 प्रतिशत होने का दावा किया था। जब डीएम दिव्यांशु पटेल द्वारा कार्यों की जांच कराई गई तो वहां ऐसा कुछ नहीं मिला। मलेरिया अधिकारी द्वारा फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव, झाड़ियों की कटाई कराने सहित अन्य रिपोर्ट फर्जी देने पर डीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता है तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
डीपीआरओ को नोटिस जारी कर वेतन रोक दिया गया है और यदि कार्य में सुधार नहीं किया गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इनके अलावा मलेरिया अधिकारी को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा गया है। - अनिल कुमार सिंह, सीडीओ