हाल ए जिला अस्पताल
- चार चिकित्सकों के कक्ष के बाहर चस्पा मिला छुट्टी का नोटिस शनिवार को
- तीन चिकित्सक अपने कक्ष से मिले नदारद, उपचार नहीं मिलने पर मरीजों ने किया हंगामा
- एक हजार मरीज रोजाना पहुंच रहे जिला अस्पताल में उपचार के लिए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला अस्पताल में दोबारा से हालात बिगड़ने शुरू हो गए है। अधिकतर डाक्टर छुट्टी पर रहते है तो कई अपने कक्षों से घंटों तक नदारद हो जाते है। शनिवार को भी चार चिकित्सकों के कक्ष के बाहर छुट्टी का नोटिस चस्पा मिला। इसके अलावा तीन चिकित्सक भी अपने कक्षों से नदारद मिले। इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इंतजार करने के बावजूद इलाज नहीं मिलने पर मरीजों और उनके तीमारदारों ने हंगामा किया।
जिला अस्पताल में रोजाना करीब एक हजार मरीज पहुंचते है। शनिवार को भी मरीजों की भीड़ थी, लेकिन डाक्टर नहीं मिले। शनिवार को त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. अशोक लाठियान, स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. दिव्या सिरोही, सर्जन डा. जितेंद्र यादव, डा. हरीश के कक्षों पर छुट्टी होने का पर्चा लगा हुआ था। तीन अन्य डाक्टर अपने कक्ष से नदारद थे। एक्सरे भी नहीं किए जा रहे थे। ऐसे में 40 किलोमीटर दूर तक से आने वाले मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी और उनको बिना उपचार कराए ही परेशान होकर लौटना पड़ा। इससे नाराज कई मरीजों ने हंगामा किया।
कई बार चक्कर काट चुके, डाक्टर मिलते ही नहीं
सुभानपुर गांव का अभय कुमार अस्पताल में अपनी पत्नी व बेटे को दिखाने के लिए आया था। महिला रोग विशेषज्ञ दस दिन पहले भी नहीं मिली थी और वह शनिवार को भी नहीं मिली। इस पर नाराज होकर उन्होंने हंगामा किया और डाक्टरों पर अस्पताल में नहीं आने का आरोप लगाया। किरठल गांव की रेखा अपनी आंखों की जांच कराने के लिए पहुंची थी। नेत्र रोग विशेषज्ञ अपने कक्ष में डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंचे थे। वह कक्ष के बाहर बैठकर ही इंतजार करती रही। दाहा गांव का राजेंद्र अपना एक्सरे कराने के लिए आया था, लेकिन कर्मचारियों के न मिलने पर घंटों तक बाहर ठंड में बैठा रहा। बिलोचपुरा गांव का जहीर भी बीमार होने के कारण अस्पताल में पहुंचा था, लेकिन जांच नहीं होने के कारण घंटों तक बैठा रहा।
जिला अस्पताल में पहले निरीक्षण करके दिशा निर्देश दिए गए थे कि सभी डाक्टर नियमित रूप से बैठेंगे। उसके बाद स्थिति ठीक थी, लेकिन अब दोबारा से ऐसा हुआ है तो उसकी जांच करके कार्रवाई की जाएगी। - डा. दिनेश कुमार, सीएमओ