दोघट (बागपत)। बड़ौत बुढ़ाना मार्ग पर कान्हड़ गांव के बाहरी छोर पर बने शिव मंदिर में रह रहे साधु मंगलनाथ का शव शुक्रवार को बंद कमरे में शव पड़ा मिला। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। बिना कार्रवाई की मांग पर शव को साधु संतों को सौंप दिया गया। बाद में मंदिर परिसर में ही साधु का समाधि दी गई।
कान्हड़ गांव के शिव मंदिर में रह रहे साधु मंगलनाथ (55) का शव शुक्रवार को मंदिर परिसर में चौबारे में बंद कमरे में पड़ा मिला। ग्रामीणों ने बताया गया की 15- 20 दिनों से साधु मंदिर में दिखाई नहीं दे रहा था। उन्हें लगा कि साधु कहीं बाहर चले गए है। शुक्रवार को जब मंदिर में पूजा करने ग्रामीण पहुंचे तो मंदिर की छत से बदबू आ रही थी। जैसे ही उन्होंने ऊपर जाकर देखा तो साधु अपने तख्त पर औंधे पड़े दिखाई दिए। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान नरेंद्र व एसओ दोघट रमेश सिंह को सूचना दी। ग्रामीणों ने बताया कि साधु को पहले भी दौरे पड़ते थे। आशंका जताई जा रही है कि साधू की सोते समय रात्रि में दौरा पड़ने से मौत हो गई होगी। बूढ़पुर थाना रमाला निवासी रामकुमार व हरपाल ने बताया कि मंगलनाथ उनका भाई था जो साधु बनकर दस बारह वर्षों से कान्हड़ मंदिर में ही रह रहा था। एसओ दोघट रमेश सिंह ने बताया कि शव साधु संतों एवं उनके परिजनों को सौंप दिया गया। बाद में मंदिर परिसर में ही साधु को समाधि दी गई।