- बड़ौत में टेंट व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल की हत्या में वांछित चल रहे बदमाशों की तलाश में लगी दस टीमें
- पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर और उसके साथियों के करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर ठिकानों पर दबिश दी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बड़ौत के टेंट व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल की हत्या के बाद भागे बदमाशों की तीन प्रदेशों उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली में तलाश चल रही है। बदमाशों के बारे में अभी तक 300 लोगों से पूछताछ कर ठिकानों का पता लगाकर दबिश दी गई, लेकिन वह नहीं मिले। अब पुलिस ने बदमाशों को संरक्षण देने वालों के बारे में भी पता लगाना शुरू कर दिया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दस साल पुरानी रंजिश में मंगलवार को बस अड्डे पर टेंट व्यापारी सोहनलाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल की तीन-तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें उनके भाई राजेश ने बड़ौत कोतवाली में हिस्ट्रीशीटर वरुण, उसके पिता बाबूराम, भाई करुण, साथी मोंटी, गोलू और कई अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दोहरे हत्याकांड के बाद भाग रहे हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी की लोगों ने पकड़कर पिटाई कर दी, जहां गोली लगने से उसकी मौत हो गई थी। जबकि वरुण के साथी वहां से भाग गए।
पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर के पिता बाबूराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हिस्ट्रीशीटर का अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस ने उसके साथियों की सूची बनाकर अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि वरुण के साथ व्यापारी पर गोलियां बरसाने वाला बदमाश हरियाणा के चरखी दादरी का रहने वाला है।
घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की दस टीमें लगाई गई हैं, जिन्होंने उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली में डेरा डाल रखा है। इसके अलावा चिह्नित किए गए 300 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई। पुलिस ने ऐसे लोगों के ठिकानों पर भी दबिश दी, जिनके आरोपियों को शरण देकर छिपाने की आशंका है। पुलिस की मानें तो ऐसे लोगों को भी हत्याकांड में आरोपी बनाया जाएगा।
वर्जन-दोहरे हत्याकांड में वांछित बदमाशों की तलाश में दस टीमों को लगाया गया है। कई के बारे में जानकारी भी मिली है, जल्द ही सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सूरज कुमार राय, एसपी।