बागपत क बड़ौत में बिजरौल रोड पर रेलवे क्रासिंग के नजदीक उस समय लोगों की भीड़ जमा हो गई. जब मंगलवार की रात में एक दंपति ने दो बच्चों के साथ दिल्ली से आने वाली ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने उन्हें बचा लिया। बाद में पहुंचे परिजन उन्हें मनाकर घर ले गये।
थाना दोघट क्षेत्र के एक गांव के रहने वाली दंपति अपने दो बच्चों ( बेटी 8 साल और बेटा दो साल) घर से बटवारे के चल रहे विवाद से क्षुब्ध होकर बिजरौल रोड रेलवे क्रासिंग पर आत्महत्या करने पहुंचे।
उन्होंने दिल्ली से सहारनपुर जाने वाली 14545 जनता एक्सप्रेस के आगे कूदने का प्रयास किया तो वहां खड़े लोगों ने उन्हें बचाया, लेकिन काफी समय तक वे आत्महत्या की जिद पर अडिग रहे। बाद में समझा बुझाकर उन्हें समझाया। इसी दौरान उनके परिजन भी वहां आ पहुंचें और समझा-बुझाकर अपने साथ ले गए। बुधवार को भी यह चर्चा जगह-जगह सुनने को मिली।
खड़ंजा निर्माण को लेकर चले लाठी-डंडे
बड़ौत। ओढ़ापुर गांव में ग्राम सभा की ओर से खड़ंजा का निर्माण किया जा रहा है। इसे लेकर रामबीर और मेहंदी हसन पक्ष में विवाद हो गया। देखते-देखते पथराव और लाठी-डंडे चल गए। फायरिंग भी हुई। झगड़े में एक पक्ष के सनी त्यागी, सुशीला, सुभाष और दूसरे पक्ष के मेहंदी हसन, चांद मोहम्मद, कल्लू आदि घायल हुए हैं। ये सभी ओढ़ापुर गांव के रहने वाले हैं। घायलों को सीएचसी पर भर्ती कराया गया। जहां से सनी को गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया है। इस संबंध में छपरौली थाने पर दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है।