बागपत। दस साल पहले शुरू हुई रंजिश में हिस्ट्रीशीटर की धमकी मिलने पर व्यापारी ने पुलिस से कई बार सुरक्षा की गुहार लगाई, लेकिन सुरक्षा नहीं मिली। इसलिए ही हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी की हिम्मत बढ़ गई। इसके बाद मंगलवार को हिस्ट्रीशीटर ने अपने साथियों के साथ खुलेआम व्यापारी सोहनलाल और उसके इकलौते बेटे विकास की हत्या कर परिवार उजाड़ दिया।
वर्ष 2016 में रंगदारी मांगने और मारपीट के मामले में जेल से जमानत पर बाहर आने के छह-सात दिन बाद ही हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने खूनी खेल खेल दिया था। उस समय वरुण लुहारी ने अपने भाई कपिल समेत अन्य बदमाशों के साथ मिलकर टेंट व्यापारी के बेटे विकास और उनके साथी राजेश पर गोलियां चला दी थीं। जिसके जवाब में व्यापारी ने भी फायरिंग की। गोली लगने से हिस्ट्रीशीटर के भाई कपिल की मौत हो गई, जबकि वरुण ने वहां से भागकर जान बचाई। कपिल की हत्या का बदला लेने के लिए हिस्ट्रीशीटर वरुण ने कई बार व्यापारी सोहनलाल को धमकी दी। इससे भयभीत व्यापारी सोहनलाल ने पुलिस अफसरों से शिकायत की। परिजनों के अनुसार पिछले दस साल में व्यापारी सोहनलाल ने कई बार अफसरों से शिकायत की। व्यापारी को सुरक्षा नहीं मिलने से हिस्ट्रीशीटर के हौसले बुलंद हो गए और मंगलवार शाम को इस तरह खुलेआम घटना को अंजाम दे दिया।
वरुण को गोली मारने की वीडियो हो रही वायरल
बड़ौत में घटना के बाद एक वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी सड़क के किनारे घायल हालत में पड़ा है। इसी दाैरान एक व्यक्ति आकर उसे पिस्टल से गोली मारता है। वह व्यक्ति कौन है, इसका भी पता लगाया जा रहा है। इसको लेकर पुलिस जांच कर रही है और जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी कि गोली मारने वाला कौन है। वरुण को भी गोली लगी हुई थी और उसे यहां से मेरठ मेडिकल में रेफर किया गया है।
पुलिसकर्मियों से शव छीनकर किया हंगामा
विकास की मौत होने के बाद पुलिसकर्मी शव पोस्टमार्टम हाउस में लेकर जाने लगे, तभी वहां आए परिजनों ने शव छीनकर पोस्टमार्टम कराने से इंकार करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस अफसरों ने उन्हें समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन वे नहीं माने। काफी देर हंगामा होने के बाद परिजनों से शव लेकर पुलिसकर्मियों ने जांच शुरू की। परिजनों का आरोप है कि जान का खतरा जताने पर भी उनके परिवार को सुरक्षा नहीं दी गई।
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जिला अस्पताल में ठप मिली बिजली आपूर्ति
गोली लगने से घायल विकास का उपचार कराने के लिए परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने विकास की जांच शुरू की, लेकिन बिजली आपूर्ति ठप होने से जांच नहीं हो सकी। इस दौरान विकास की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
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