बागपत। बागपत शुगर मिल का विस्तारीकरण 66 साल बाद शुरू होने जा रहा है और इसके लिए निविदा मांगी गई हैं। तीन अरब 72 करोड़ 49 लाख रुपये के बजट का प्रस्ताव सरकार पहले ही मंजूर कर चुकी है। विस्तारीकरण के बाद मिल की पेराई क्षमता 25 से बढ़कर 50 हजार क्विंटल प्रतिदिन हो जाएगी। इससे 40 हजार किसानों को फायदा मिलेगा।
बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल का निर्माण वर्ष 1960 में कराया गया था। मिल की गन्ना पेराई क्षमता 25 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। मिल में 22 हजार किसानों के गन्ने की पेराई की जाती है। मिल काफी पुरानी होने के कारण क्षेत्र के कुछ केंद्र रमाला शुगर मिल को आवंटित करने पड़ते हैं। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
किसान काफी समय से मिल का विस्तारीकरण कराने की मांग कर रहे थे। इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर वार्ता की थी। जिससे इसकी डीपीआर तैयार की गई और गन्ना मंत्री लक्ष्मीनारायण ने इस सत्र में यहां आकर जल्द मिल के विस्तारीकरण की घोषणा की थी।
सरकार ने इसके बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई और दो महीने पहले मिल के विस्तारीकरण के लिए तीन अरब 72 करोड़ 49 लाख रुपये के बजट का प्रस्ताव मंजूर किया। अब मिल के विस्तारीकरण के लिए यूपी को-ऑपरेटिव शुगर फैक्टरी फेडरेशन ने निविदा मांगी है। यह निविदा 16 जून को खोली जाएगी। इससे माना जा रहा है कि पेराई सत्र 2026-27 से पहले इसका काम शुरू हो जाएगा।
-50 हजार क्विंटल प्रतिदिन हो जाएगी गन्ना पेराई क्षमता
मिल की एक दिन की पेराई क्षमता 25 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। मिल का विस्तारीकरण होने पर पेराई क्षमता 50 हजार क्विंटल प्रतिदिन हो जाएगी। मिल से जुड़े किसानों की संख्या अभी 22 हजार है और इसकी क्षमता दोगुनी होने पर क्षेत्र के सभी 40 हजार किसान इससे जोड़ दिए जाएंगे। इससे किसानों को काफी लाभ होगा।
मिल का विस्तारीकरण होने से क्षेत्र के किसानों को काफी फायदा होगा, क्योंकि अभी यहां के क्रय केंद्र मेरठ व मोदीनगर मिल से जोड़े जा रहे हैं। किसानों को इससे काफी समस्या होती है और भुगतान के लिए भी जूझना पड़ता है। -प्रदीप ठाकुर, चेयरमैन बागपत गन्ना विकास समिति
बागपत चीनी मिल के विस्तारीकरण के लिए निविदा मांगी गई है, जो 16 जून को लखनऊ में खोली जाएगी। जिससे कंपनी जल्द कार्य शुरू कर सके और मिल का विस्तारीकरण होने से क्षेत्र के किसानों को फायदा मिल सके। -कृष्णपाल, उपाध्यक्ष बागपत सहकारी चीनी मिल संघ