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अपने ही बने राजनीतिक उठापटक के सूत्रधार

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बागपत। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में शनिवार को नामांकन से पूर्व राजनीतिक उठापटक के सूत्रधार रालोद और भाजपा के ही विभीषण बने। जिसके चलते पहले रालोद और फिर भाजपा की जमकर किरकरी हुई। दोनों ही पार्टियों की गुटबाजी भी सतह पर दिखाई देने लगी। इसके बावजूद उनके नेता कुछ नहीं बोल रहे हैं। वहीं, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सबसे बड़ा उलटफेर अभी बाकी है।
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रालोद प्रत्याशी ममता के भाजपा में शामिल होने के फोटो वायरल हुए तो सियासी गलियारों में अफरातफरी मच गई। इससे बड़ा धमाका तब हुआ जब उन्होंने किसी दूसरे दल में नहीं जाने की जानकारी दी। इन दोनों ही घटनाक्रमों में दोनों पार्टियों के विभीषणों के नाम सामने आ रहे हैं। दोनों पार्टियों का नेतृत्व इसके बारे में जानता है परंतु चुनावी माहौल में कार्रवाई करने से बच रहा है। सोशल मीडिया पर दोनों पार्टियों के समर्थक इन विभीषणों पर बिना नाम लिए दिनभर निशाना साधते रहे। रालोद से एक पूर्व विधायक का नाम सामने आ रहा है। वहीं, भाजपा के जनप्रतिनिधियों का आपसी मनमुटाव उठापटक की वजह बना है।
कई दिन से सांसद के संपर्क में थे पति-पत्नी
राजनीतिक महत्वकांक्षा के चलते ममता और उनके पति कई दिन से सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के संपर्क में थे। उन्होंने करीब आधा दर्जन बार मुलाकात कर जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए गुहार लगाई। सांसद का कहना है कि वे रोज डायरी लिखतेे हैं। उनसे हर मुलाकात उसमें दर्ज है। वे शुक्रवार रात भाजपा में शामिल हुए। उन्हें शनिवार सुबह सांसद से मिलना था परंतु नहीं मुलाकात नहीं की। उन्हें यदि किसी ने डराया-धमकाया है तो नाम सार्वजनिक करें।
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ओंकार यादव से भी मिले थे जयकिशोर
कुर्सी की चाह में जिला पंचायत सदस्य ममता के पति जयकिशोर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओंकार यादव से भी मिले थे। इसकी वीडियो शनिवार को हुए घटनाक्रम के बाद वायरल हो गई। इसमें जयकिशोर कह रहे हैं कि एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचा दो। आप जैसा कहोगे, मैं वैसा करूंगा। वहीं, रालोद जिलाध्यक्ष डॉ. जगपाल सिंह तेवतिया का कहना है कि यह वीडियो पुरानी है। ममता और जयकिशोर हमारी पार्टी के कार्यकर्ता हैं।
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