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Baghpat News: कुत्तों और बंदरों का आतंक, एक महीने में सात हजार लोगों को काटा

Thu, 20 Mar 2025 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
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पुन: प्रे​षित फोटो परिचय:- पिलाना सीएचसी ​स्थित इंजेक्शन कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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बागपत। जिले में कुत्ते व बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि इन्होंने एक महीने में सात हजार से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया। जिला अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों पर इन सभी लोगों ने पहुंचकर एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाए। जिले में सीरम नहीं लगने पर लोगों की परेशानी भी बढ़ रही हैं और उनको दिल्ली की तरफ दौड़ लगानी पड़ती हैं। वहीं इनको पकड़वाने की तरफ प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।
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जिले में करीब बीस हजार आवारा कुत्ते और दस हजार से अधिक बंदर हैं। यह कुत्ते गलियों में जाने वाले लोगों पर हमला बोल रहे है तो घरों की छतों पर बंदर पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। यही कारण है कि जिले में एक माह में करीब सात हजार से अधिक लोगों को कुत्तों व बंदरों ने काटकर घायल कर दिया।
इनके घायल करने पर जिला अस्पताल में एक माह में करीब दो हजार लोगों ने पहुंचकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई तो बड़ौत व खेकड़ा सीएचसी में एक-एक हजार लोगों ने पहुंचकर उपचार कराया। इनके अलावा पिलाना सीएचसी में 250 लोगों को बंदर काटने व 331 लोगों को कुत्ते काटने पर वैक्सीन लगाई गई हैं।
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डौला सीएचसी पर भी तीन सौ से अधिक लोगों को वैक्सीन लगी तो रटौल पीएचसी पर 500 से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं। इनके अलावा खेकड़ा, बिनौली सीएचसी पर भी यही स्थिति है। बंदरों के आतंक से डौला, पिलाना, सिंघावली अहीर, सैड़भर, मुकरी, हिसावदा, रटौल, लहचौड़ा, सिंगौली तगा सहित कई अन्य गांवों के लोग ज्यादा परेशान है। nसीरम लगाने की नहीं व्यवस्था : जिले में सीरम लगाने की कोई व्यवस्था नहीं है। सीरम जख्म वाले व्यक्ति को लगाया जाता है। इसके लिए जिला अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से पर्चे पर लिखवाने के बाद दिल्ली के जीटीबी में जाना पड़ता है। एक माह में 500 से अधिक लोगों को सीरम का इंजेक्शन लगाया जा चुका है।
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