ऐसे मेंं जेसीबी मशीन की मियाद वर्ष 2020 में पूरी हो गई। लेकिन हैरानी की बात यह है कि मियाद पूरी होने के दो साल बाद यानी 12 मई 2022 को जेसीबी मशीन की मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया गया और तकरीबन 12 लाख रुपये जेसीबी की मरम्मत के नाम पर खर्च कर दिए।
अब यह जेसीबी का नाममात्र ही इस्तेमाल किया जा रहा है। जिस कारण शहर की सफाई भी भली प्रकार नहीं हो पा रही है। शहर में छपरौली रोड, बड़ौली रोड, नेहरू रोड, बड़का रोड के अलावा अन्य मुख्य मार्गों पर पूरे-पूरे दिन गंदगी के ढेर लगे रहते हैं।
पूरे प्रकरण की जांच कराकर की जाएगी ठोस कार्रवाई
यदि ऐसा हुआ है तो नियम विरुद्ध है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष तरीके से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - बबीता तोमर चैयरपर्सन नगरपालिका बड़ौत
संज्ञान में नहीं है मामला
मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है, यदि इस तरह की कोई शिकायत प्राप्त होती है तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - अनुज कौशिक, ईओ, नगर पालिका