हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव जाजला से आठ दोस्तों के साथ नहाने के लिए निवाड़ा पुल पर पहुंचे दो मौसेरे भाई यमुना में डूब गए। शोर मचाए जाने पर किसी तरह एक किशोर को यमुना से निकाल लिया गया, लेकिन दूसरा डूब गया। हरियाणा और यूपी के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। पुलिस और गोताखोरों ने सर्च अभियान चलाया, लेकिन डूबे किशोर का सुराग नहीं लग सका है।
सोनीपत के राई थाना क्षेत्र के गांव जाजला निवासी प्रवेश (16) अपनी मौसी के बेटे लब्बी (17) निवासी गांव सेबली से अपने आठ दोस्तों के साथ बृहस्पतिवार शाम बाइकों पर सवार होकर बागपत के निवाड़ा गांव में यमुना नदी में नहाने के लिए आए थे। करीब साढ़े छह बजे नहाते वक्त प्रवेश और लब्बी यमुना में अंदर तक चले गए, जबकि उनके छह साथी किनारे पर ही रहे।
नहाते-नहाते दोनों डूबने लगे। दोनों ने शोर मचाया तो उनके साथियों ने भी शोर मचाना शुरू कर दिया। इस बीच पास ही क्रिकेट खेल रहे निवाड़ा गांव के युवक मौके पर पहुंचे। आरिफ नामक युवक ने यमुना में छलांग लगाकर किसी तरह लब्बी को बाहर निकाला, लेकिन प्रवेश डूब गया। इस बीच निवाड़ा चौकी पुलिस भी जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे। गोताखोर बुलाए गए।
डूबे युवक के परिजनों को मामले की जानकारी दी गई। हरियाणा और यूपी के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। डूबे युवक के ताऊ संजय कुमार ने बताया कि गांव से शाम के समय घूमने के लिए निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह यमुना में नहाने गए हैं। देर रात तक यमुना में किशोर की तलाश चल रही है।
मसीहा बनकर यमुना में कूदा आरिफ
बागपत। यमुना में डूबते बच्चों को देखकर निवाड़ा के आरिफ ने यमुना में छलांग लगा दी। मौके पर काफी लोग तो थे लेकिन मसीहा आरिफ ही बना था। आरिफ तैरता हुआ वह दोनों किशोरों के पास तक पहुंच गया। लब्बी को बचाकर वह किनारे तक ले आया।
आरिफ दोबारा यमुना के बीच में पहुंचा, लेकिन तक प्रवेश यमुना के गहरे पानी में गुम हो चुका था। आरिफ के हौसले की हर किसी ने प्रशंसा की, लेकिन युवक का कहना था कि उसे इस बात का मलाल है कि वह दूसरे किशोर को बाहर नहीं निकाल सका।
दोस्तों ने खो दिया हौसला
बागपत। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों किशोरों के डूबने के दौरान नहाने आए अन्य साथियों का हौसला टूट गया। मदद के लिए शोर मचाया, लेकिन जैसे ही प्रवेश डूबने लगा तो अधिकतर किशोर मौके से अपने गांव की तरफ भाग गए।
उधर, आरिफ का कहना है कि अगर साथी युवकों में अन्य भी यमुना में उसके साथ कूदकर हिम्मत दिखाते तो प्रवेश को भी बाहर निकाला जा सकता था।
तीन गोताखोरों ने चलाया सर्च अभियान
बागपत। यमुना में किशोर के डूबने की खबर मिलते ही शहर की माता कॉलोनी के तैराक सलीम, शरीफ और इरफान निवाड़ा पुल पर पहुंच गए। तीनों ने अंधेरा घिरने तक सर्च अभियान चलाया, पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। लेकिन डूबे युवक के विषय में जानकारी नहीं मिल सकी। यह तीनों वही तैराक है जो प्रत्येक वर्ष यमुना के गहरे पानी में फंसने वाले लोगों की जान बचाते रहे हैं।
पढ़ने के लिए निकले थे, नहाने पहुंच गए
बागपत। राई थाना क्षेत्र के जाजल गांव निवासी रामबीर दूध का काम करते हैं। गांव में जैसे ही उनके बेटे प्रवेश के यमुना में डूबने की खबर पहुंची तो गम छा गया। ताऊ संजय कुमार ने बताया कि प्रवेश और उसकी मौसी का ़लड़का सुबह घर से सोनीपत पढ़ने जाने के लिए निकले थे, लेकिन वह घर नहीं पहुंचे।
परिजन उनकी तलाश कर ही रहे थे कि इस बीच किसी ने फोन कर बताया कि यमुना में प्रवेश डूब गया है। देर रात तक गांव के सैकड़ों लोग निवाड़ा के पुल पर मौजूद थे।