प्रदूषित जल से बीमार और लाचार होते बूढ़पुर गांव का दर्द अमर उजाला ने उठाया तो निर्मल हिंडन अभियान से जुड़ी टीम गांव में पहुंची। ग्रामीणों ने प्रदूषित जल से फैली बीमारियों के विषय में बताया। टीम ने हैंडपंप के सैंपल भरे। रिपोर्ट कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार को सौंपी जाएगी। ग्रामीणों ने कहा उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भावी पीढ़ी भी बीमार हो जाएगी।
अमर उजाला ने 40 पार करते ही हो रहे दिव्यांग’ शीर्षक से गांव में प्रदूषित जल से फैल रही बीमारियों की बाबत बताया। बृहस्पतिवार के अंक में समाचार प्रकाशित होते ही कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के निर्देशन में चल रहे निर्मल हिंडन अभियान के सदस्य रमन त्यागी और शुभम कौशिक बूढ़पुर गांव पहुंचे। रमन त्यागी ने बताया कि गांव के प्रधान विकास तोमर से स्थिति की जानकारी ली ।
ग्रामीणों ने टीम के सदस्यों को बताया कि बर्तनों में दो घंटे पानी रखते ही पीला हो जाता है। उनके बर्तन और आभूषणों का रंग भी बदलने लगा है। चालीस की उम्र पार करते ही बीमारियां लोगों को घेर रही है।
ग्रामीण इंद्रपाल सिंह, सूर्य पाल, सुनील कुमार, महावीर, रामकिशन और पाली देवी ने मेरठ से पहुंची टीम को अपना दर्द सुनाया। ग्रामीणों ने कहा गांव में प्रदूषित जल की वजह से बीमारियां फैल रही है।
डेढ़ दशक पहले हुआ टैंक का निर्माण
रमाला। डेढ़ दशक पहले गांव में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए जल निगम ने टंकी का निर्माण कराया था। एक साल तक गांव में इससे पेयजल की आपूर्ति की गई, लेकिन इसके बाद पाइप फट गए।
ग्राम प्रधान विकास तोमर कहते हैं कि पिछले दस साल से पेयजल की आपूर्ति इस टंकी से नहीं हो रही है। इस पर रखी मोटर फुंक चुकी है, लेकिन जल निगम और प्रशासन को सूचना देने के बाद भी अभी तक इसे सही नहीं कराया। गांव की ऊंचाई अधिक है और टंकी का निर्माण अदूरदर्शिता के चलते ऐसे हिस्से पर किया है, जो नीचा है। यहां से पानी की आपूर्ति आसान नहीं होगी।
‘या कूण सी बीमारी, कई लोग मरगे’
रमाला। ‘रे बेेेटा या कूूण सी बीमारी ए, कई लोग मरगे, इब के होगा’ निर्मल हिंडन अभियान से जुड़ी टीम गांव पहुंची तो गांव की एक बुजुर्ग महिला पाली देवी ने टीम के सदस्यों से पूछा। टीम हैंडपंप के पानी के सैंपल लेने गई तो एक एक अन्य महिला राजबीरी बोली, ‘इस नलके का पानी पेला है, लोग मरण लग रे, म्हारी तो पजैब भी रंग बदल गी, कुछ सुधार करवा दो।’ टीम नाले का निरीक्षण करने पहुंची तो वहां मौजूद एक ग्रामीण सत्यपाल सिंह बोले ‘भाई यू नाला तो गाम के लिए अभिशाप बन गया है। बहुत बीमारी फैल रही है।’
स्वास्थ्य विभाग की टीम करेगी दौरा
सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा कहती हैं कि बूढ़पुर गांव में जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाएगी। यहां कैंप लगाकर बीमारियों का उपचार कराएंगे। लोगों को बीमारियों से बचने के उपाय भी बताए जाएंगे।
बागपत से ऐसे बहती है कृष्णा नदी
कृष्णा नदी बागपत में टीकरी और असारा गांव के बीच से प्रवेश करती है। हिम्मतपुर, बूढ़पुर, सूजती, इब्राहिमपुर माजरा, गांगनौली, कंडेरा, नांगल, इदरीशपुर, बामनौली, मांगरौली, रहतना, दादरी से होते बरनावा में हिंडन और कृष्णा एक हो जाती हैं। नोएडा में जाकर दोनों यमुना में गिरती हैं। निर्मल हिंडन अभियान के तहत कृष्णा को भी स्वच्छ करने का अभियान चलाया गया है। इसमें पानी छोड़ा जा रहा है।
एनजीटी में चल रही प्रदूषण की लड़ाई
कृष्णा नदी में प्रदूषण के मामले में दोआबा पर्यावरण समिति के चेयरमैन डॉ. चंद्रवीर सिंह राणा ने एनजीटी में रिट दायर की थी। वह बताते हैं कि पर्यावरण प्रदूषण रोकने और ग्रामीणों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के आदेश हो चुके हैं। क्षेत्र में हैंडपंप का पानी पीने लायक नहीं रह गया है। बूढ़पुर के अलावा अन्य कई गांव में यह समस्या बनीं हुई है।
कई पुरानी योजनाएं ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर दी गई है। बूढ़पुर के प्रकरण की जांच कराई जाएगी। मोटर फुंकने की शिकायत विभाग को नहीं मिली है, नहीं तो इसे चालू कराया जाता। जल्द ही गांव में टीम भेजकर व्यवस्था को सुचारू कराया जाएगा।
- एस पी सिंह, अभियंता जल निगम