जीएसटी पर ऊहापोह के बीच वेस्ट यूपी की रिम एवं धुरा इंडस्ट्री ने फिलहाल कारोबार नहीं करने का फैसला किया है। चैंबर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष जयप्रकाश जैन ने कहा जब तक जीएसटी टैक्स स्पष्ट नहीं हो जाता, उद्यमी कारोबार नहीं करेंगे। अकेले बागपत में एक सौ से अधिक कारोबारी हैं। जिले के प्रभारी मंत्री एसपी सिंह बघेल के सामने भी जीएसटी का यह पूरा मामला रखा जा चुका है।
बड़ौत में रिम एवं धुरे का बड़ा उद्योग है। ट्राली के अलावा पशु चालित गाड़ी के पुर्जे भी यहां से सप्लाई किए जाते हैं। वस्तु एवं सेवा कर इस उद्योग पर क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। असल में इसके पुर्जे मंगाए जाते हैं, इन पर जीएसटी का फैसला नहीं हो पा रहा है।
चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष जयप्रकाश जैन का कहना है कि एडीवी, रिम और धुरों के स्पेयर पार्ट पर कर की देयता क्या होगी, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुई है, ऐसी स्थिति में बिल कैसा काटा जाएगा, यह कैसे तय हो पाएगा। तय किया गया जब तक जीएसटी तय नहीं होगी, वह कारोबार नहीं करेंगे।
कोई सदस्य बिक्री नहीं करेगा। यही नहीं शामली के उद्यमियों को भी जानकारी दे दी। अकेले बागपत जिले में ही रिम एवं धुरा उद्योग का करीब दो सौ करोड़ रुपये का सालाना टर्न ओवर है। यही नही इस कारोबार की यहां करीब एक सौ इंडस्ट्री हैं। जीएसटी पर जैन कहते हैं कि कभी उन्हें 12 फीसदी, कभी 18 तो कभी 28 फीसदी के स्लैब में रखने की बात कही जा रही है, इस कारण फिलहाल कारोबार नहीं करेंगे।
खेकड़ा। जीएसटी को लेकर नगर के व्यापारी और आम जनता खासी परेशान हैं। व्यापारी अरुण सिंघल, राजू गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, रवि कुमार, बोबी आदि ने कहा उन्होंने जनवरी माह में जीएसटी नंबर लेने के लिए पंजीकरण कराया।
आज तक जीएसटी नंबर नहीं दिया। साथ ही अनेक व्यापारियों का भी यही हाल है। सरकार को भी जीएसटी लागू करने से पहले व्यापारियों को पूर्ण जानकारी देनी चाहिए थी। किन किन वस्तुओं पर कितना प्रतिशत जीएसटी लगाया है और कौन कौन सी वस्तुएं जीएसटी से मुक्त रखी है। इस स्थिति के कारण सभी लोग खासे परेशान हैं।