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खौफनाक वारदात: ताऊ को उतारा मौत के घाट, भतीजे ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम

Mon, 31 May 2021 05:43 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

भतीजे ने खौफनाक तरीके से अपने ताऊ की हत्या कर डाली। भतीजे से परेशान होकर ताऊ ने घर छोड़ दिया था। जानिए वारदात को कैसे अंजाम दिया। 
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बुजुर्ग का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बागपत के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के डौला गांव में भतीजे ने पांच बीघा जमीन के लिए ताऊ की गला दबाकर हत्या कर दी। शव मुरादनगर ले जाकर गंगनहर में फेंक दिया। इसके बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। लापता बुजुर्ग की तलाश में जुटी पुलिस ने शक होने पर भतीजे को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपी के खिलाफ अपहरण और हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब शव तलाशने में जुटी है।

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डौला गांव निवासी 65 वर्षीय हरिओम पुत्र रामकिशन अविवाहित थे। उनके हिस्से में पांच बीघा कृषि भूमि आती थी। पिछले कुछ दिनों से वह अपने भाई वीरेंद्र के साथ न रहकर कुनबे के दूसरे लोगों के साथ रह रहे थे। आठ दिन पहले वह अचानक लापता हो गए। वीरेंद्र के पुत्र राहुल की ओर से थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी तो भतीजे राहुल की ओर शक की सूई घूम गई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने ताऊ हरिओम की हत्या करना स्वीकार कर लिया।

एसओ रवि रतन सिंह के मुताबिक, राहुल ने बताया कि उसने घेर में जाते वक्त नशीला पदार्थ सुंघाकर चाचा को बेहोश कर दिया था। इसके बाद गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। शव ईको गाड़ी में मुरादनगर ले जाकर गंगनहर में फेंक दिया। पुलिस ने ईको गाड़ी भी कब्जे में ले ली है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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भतीजे से परेशान होकर छोड़ा था घर
हरिओम पुत्र रामकिशन अपने भाई वीरेंद्र सिंह के साथ ही रहते थे। दोनों भाइयों के हिस्से में पांच-पांच बीघा पैतृक भूमि आती थी। भतीजे की कारगुजारियों के चलते हरिओम कुनबे के ही व्यक्ति के पास रहने लगे। यह राहुल को नागवार गुजरा और जमीन जाने के डर से उसने उसकी अपहरण कर हत्या कर दी।

पुलिस की जांच पर भी सवाल
गुमशुदगी की रिपोर्ट के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। राहुल ने अकेले ही हत्या की घटना को अंजाम दिया होगा, ऐसा संभव लगता नहीं है। हत्या के बाद शव को भी बिना किसी की सहायता के वह गाड़ी में ले गया और ठिकाने लगा दिया। इससे पुलिस की जांच पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में कई युवकों को पूछताछ के लिए उठाया था। मगर, जांच को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई दी।

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