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लक्ष्य पांच सौ क्विंटल, खरीद हुई 24 क्विंटल धान

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dhan - फोटो : dhan
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20 ने कराया पंजीकरण, बिक्री के लिए सरकारी केंद्र पर पहुंचा एक किसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में सरकारी धान खरीदने के लिए बागपत और खेकड़ा में दो सरकारी केंद्र खोले गए थे। दोनों केंद्रों को 250-250 क्विंटल धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। मगर, लक्ष्य के सापेक्ष 24 क्विंटल धान की ही खरीद हुई है। खास बात यह है कि 20 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन विपणन विभाग कार्यालय में कराया था। लेकिन सिर्फ एक ही किसान ने सरकारी क्रय केंद्र पर धान की बिक्री की है।
जिले में नहीं बोया जाता मोटा धान
बागपत। सरकारी क्रय केंद्र में मोटे धान की खरीद करने का प्रावधान है। जिले में मोटे धान के बजाए अन्य प्रजाति के धान की बुआई की जाती है। मोटे धान की बुआई न होने के कारण सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री नहीं की जाती है।
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पांच सालों में जिले में हुई धान की खरीद
बागपत। जिले में पिछले पांच साल में पहली बार सरकारी क्रय केंद्र पर 24 क्विंटल 15 किलो धान की खरीद हुई। विपणन विभाग की ओर से किसान को खरीदी गई धान का भुगतान कर दिया है।
इसलिए नहीं करते मोटे धान की खेती
बागपत। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ सूर्य प्रताप सिंह का कहना है कि पश्चिमी यूपी की जलवायु बासमती धान के अनुरूप है। मोटे धान की अपेक्षा बासमती की कीमत लगभग दोगुना होती है। नरेला मंडी नजदीक होने से किसानों को धान बेचने में कोई ज्यादा दिक्क्त भी नहीं होती है। इसके अलावा पशुओं के चारे के लिए बासमती धान की पुआल मोटे धान की पुआल से बेहतर मानी जाती है।
धान की इन प्रजातियाें की होती है उपज
बागपत। जिले में धान की खेती का रकबा चार हजार हेक्टेअर है। सबसे अधिक धान की 1121 और 1509 प्रजाति की उपज की जाती है। इन प्रजातियों के बाद कुछ किसान 1718 प्रजाति की बुआई करते है। जिले में मोटे धान की प्रजाति शाका-चार, पंत-चार की बुआई काफी कम क्षेत्रफल में की जाती है।
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जिले में धान क्रय केंद्र के लिए बागपत व खेकड़ा में दो क्रय केंद्र खोले गए थे। दोनों केंद्रों पर धान की खरीद का 500 क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। एक किसान ने 24 क्विंटल धान की बिक्री सरकारी केंद्र पर की है। - कौशल देव, जिला विपणन अधिकारी।
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