बागपत। सर्दी बढ़ने पर नवजात बच्चों का ध्यान रखने की जरूरत है। सर्दी में थोड़ी सी लापरवाही भी खतरनाक साबित हो सकती है। सर्दी होने पर नवजात में हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है। बीमारी होने पर बच्चों का तापमान अचानक गिरने लगता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर उपचार न मिलने पर बच्चे की जान भी जा सकती है।
सीएचसी पर तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप के अनुसार जन्म से एक माह तक के नवजात बच्चों में हाइपोथर्मिया होने की अधिक संभावना होती है। नवजात के शरीर का तापमान गिरना बीमारी का मुख्य कारण होता है। नवजात के शरीर का तापमान 36.5 डिग्री से कम होने पर बच्चे में हाइपोथर्मिया की बीमारी होती है। बीमारी होने पर तापमान के साथ बच्चे का शुगर लेवल गिर जाता है। बच्चे को दौरे आ सकते हैं और उसे सांस लेने में परेशानी होने लगती है। समय पर सही उपचार नहीं मिलने पर उसकी मौत भी हो सकती है।
ऐसे करें पहचान
बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार बीमारी की पहचान करने के लिए बच्चे के पेट, हाथ और पैरों को छूकर देखें। बच्चे का पेट, हाथ और पैर ठंडे होने पर बच्चा बीमारी की चपेट में आ जाता है। पेट गर्म और हाथ पैर ठंडे होने पर बच्चे को गर्म कपड़े पहनाकर चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
ऐसे करें बचाव
-डिलिवरी अस्पताल में ही कराएं
-बच्चे को तीन लेयर के कपड़े पहनाएं
-सर्दी से बचाव के लिए बच्चे को ढककर रखे
-सर्दी में बच्चे को रोजाना न नहलाए
-कमरे का तापमान 25 से 30 डिग्री के बीच रखे