बता दें कि किसान आंदोलन को मजबूती देने के लि बागपत जनपद से भी किसान ट्रैक्टर ट्राॅलियों में भरकर यूपी गेट और गाजीपुर बाॅर्डर पहुंच रहे हैं।
गाजियाबाद में रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल चौधरी ने बड़ौत और गाजीपुर के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि गुर्जर समाज किसी एक व्यक्ति की धरोहर नहीं है। स्वाभिमानी गुर्जर समाज खेती और किसानी से जुड़ा हुआ है। किसानों के दुख दर्द को अच्छी तरह समझता है।
26 जनवरी को लाल किले पर सरकार ने साजिश की थी। कोई भी अन्नदाता राष्ट्रीय झंडे का अपमान नहीं कर सकता। भाजपा किसान जातियों को बांटने का काम ना करें। भाजपा के लोग अपने पीछे गुर्जर लगाने की मर्यादा का ध्यान रखें। किसान जातियों को बांटने की साजिश बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी किसान जातियों से एकजुट होकर तीनों काले कानूनों के वापस ना होने तक आंदोलन को जारी रखें।