दोघट। कस्बा टीकरी में पांच वर्ष पूर्व 15 करोड़ की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हुआ था। इसके बावजूद ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाई हैं। वहीं, देखरेख के अभाव में सीएचसी बदहाल है। भवन को पशुओं ने ठिकाना बना लिया है।
टीकरी कस्बे में सपा सरकार में पूर्व विधायक वीरपाल राठी के प्रयास से पीएचसी को सीएचसी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। 15 करोड़ की लागत से वर्ष 2017 में निर्माण पूरा होने पर इसे स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया था। हालांकि यहां चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए ग्रामीणों ने 13 अक्टूबर तक भूख हड़ताल की थी। वहीं, 70 दिन चला धरना मुख्यमंत्री के आश्वासन पर समाप्त किया था। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने अचानक इसका उद्घाटन किया था। इसमें एक चिकित्सक की तैनाती की गई। इसके बाद भी लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिला। सुविधाओं और उपकरणों के नाम पर तीन साल में लगभग ढाई करोड़ रुपये रिलीज हुए। जिनका आज तक पता नहीं है। अस्पताल के कमरे खंडहर में तब्दील हो गए हैं। जिनमें घोड़े बांधे जा रहे हैं। जिससे फर्श टूट गया है। बेड खराब हो गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी सरकार ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया।
यहां मुख्य समस्याएं
सीएचसी में बिजली-पानी की सुविधाएं भी नहीं हैं। यहां फिलहाल एंटी रैबीज वैक्सीनेशन और खून टेस्ट की सुविधाएं बंद हैं। 35 बेड के हॉस्पिटल में मात्र तीन-चार बेड हैं। वे भी खराब हाल में हैं। एंबुलेंस व एक्स-रे की सुविधा नहीं है। कस्बे की आबादी करीब 25 हजार होने के बावजूद 18 प्लस लोगों के लिए टीकाकरण की व्यवस्था नहीं है।
ग्रामीणों का प्रदर्शन
कस्बा टीकरी की सीएचसी पर सेवाएं नगण्य होने के खिलाफ आपकी अपनी समिति कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। समिति अध्यक्ष डॉ. अरुण राठी ने बताया कि सीएचसी पर मात्र एक चिकित्सक हैं। हालांकि 14 लोगों के स्टाफ के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया था। महेंद्र सिंह ने बताया कि कायाकल्प योजना अंतर्गत सीएचसी में रंगाई-पुताई का कार्य बंद करा दिया। यह तबेला बनकर रह गया है। यदि एक सप्ताह में मांग पूरी नहीं हुई तो धरना शुरू किया जाएगा। यहां पंकज, शिवकुमार, कासिम, आनंद प्रकाश, महेंद्र सिंह, विजय सिंह, अरुण राठी, अमरजीत राठी, प्रदीप राठी आदि मौजूद रहे।
वर्जन
सीएचसी पर एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट और स्वीपर तैनात हैं। कोरोना ड्यूटी से लौटे एक अन्य चिकित्सक भी जल्द बैठने लगेंगे। टीकाकरण में ग्रामीणों का सहयोग नहीं मिला है। ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण कराया जाएगा।-डॉ. अतुल बंसल, अधीक्षक बिनौली सीएचसी