म्यान में लौटेंगी जिला पंचायत चुनाव के लिए खिंची तलवारें
कुख्यात सुनील राठी की मां राजबाला चौधरी भी जुटी थी तैयारियों में
अब अध्यक्ष पद के आरक्षण से पुलिस-प्रशासन को मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर पिछले डेढ़ साल से खींचतान चल रही थी। अध्यक्ष पद का आरक्षण तय हो जाने के बाद अब तक खिंची तलवारें म्यान में लौटने की संभावना है। पुलिस-प्रशासन को भी राहत की सांस मिलेगी।
कुख्यात सुनील राठी की मां राजबाला चौधरी जिला पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए राजनीतिक गुणा-भाग किया जा रहा था, लेकिन आरक्षण एससी वर्ग की महिला में हो जाने से राजबाला को झटका लगा है। कूड़ी गांव में कुख्यात परमवीर तुगाना की हत्या की वजह के पीछे जिला पंचायत चुनाव की रंजिश सामने आई थी। परमवीर तुगाना भी जिला पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहा था और सुनील राठी पक्ष के लोग भी तैयारी में जुटे थे। इसी वजह से परमवीर की हत्या कर दी गई। एससी महिला वर्ग में आरक्षण से पुलिस-प्रशासन को राहत मिलेगी। छपरौली विधानसभा क्षेत्र के वार्डों में सबसे ज्यादा तनाव का माहौल था।
इस बार अध्यक्ष नहीं बन सकेंगी रेणु धामा
जिला पंचायत चुनाव की तैयारियों में निवर्तमान अध्यक्ष रेणू धामा भी जुटी थीं। वह दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। इस बार आरक्षण के कारण वह चुनाव की दौड़ से बाहर हो गई हैं। अब उन्हें पांच साल बाद आरक्षण के नए नियमों का इंतजार करना पड़ेगा।
चंचल बंजारा भी चुनाव की तैयारियों में जुटी
भाजपा समर्थित उम्मीदवारों में लोक गायिका चंचल बंजारा का नाम भी शामिल हो सकता है। यू-ट्यूब पर आए अपने गाने ‘डीजे बजवाए दिए योगी...’ गाकर वह मशहूर हुई थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी मुलाकात हो चुकी है। एससी वर्ग के लिए आरक्षित होने वाले वार्ड से वह चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।