पुरा गांव के परशु रामेश्वर महादेव मंदिर में श्रावण मास की शिवरात्रि पर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा। हरिद्वार, गंगोत्री और ऋषिकेश से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने एतिहासिक शिवलिंग पर जलाभिषेक किया।
सोमवार शाम तक कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक रात दस बजे तक 20 लाख कांवड़िए पहुंचे। जबकि मंदिर कमेटी का कहना है कि यह आंकड़ा 26 लाख के ऊपर पहुंचने की उम्मीद है।
पुरा गांव में 30 जुलाई से आरंभ मेले में सोमवार सुबह चार बजकर 10 मिनट पर हवन शुरू हुआ। डीएम ह्दय शंकर तिवारी और एसपी पूनम के अलावा मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अरुण शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। पुजारी जयभगवान शर्मा ने पूजन कराया।
सुबह 4:41 बजे झंडारोहण किया। कांवड़ियों के जलाभिषेक का सिलसिला सोमवार शाम तक जारी है, लेकिन झंडारोहण के बाद शुभ मुहूर्त की इंतजार में इधर-उधर आराम कर रहे कांवड़िए जलाभिषेक के लिए कतारबद्ध हुए। एकाएक कांवड़ियों की संख्या बढ़ी तो यहां भीड़ संभालना मुश्किल हो गया।
सुबह पांच बजे से नौ बजे तक कईं बार बैरिकेटिंग टूटी। शिवालय तक पहुंचने और जलाभिषेक की तेजी में 20 से अधिक कांवड़िए घायल हो गए। मुख्य मार्ग पर लगी बैरिकेडिंग टूटी तो यहां डीएम और एसपी को पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा। पुलिस के अलावा पीएसी, कमांडो और रेपिड एक्शन फोर्स ने यहां पहुंचकर मोर्चा संभाले रखा। आईजी जोन मेेरठ सुजीत पांडेय भी सोमवार रात यहां डटे रहे।
मंदिर कमेटी ने भी किया सहयोग ः बालैनी। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अरुण शर्मा, उपाध्यक्ष एडवोकेट सुरेंद्र यादव, तिलकराज गुप्ता, टीपी शर्मा, आरडी शर्मा, कृष्णपाल मलिक, ब्रहम सिंह मलिक, अंकुर शर्मा, सतीश चंद गर्ग, अनिल शर्मा और जयभगवान शर्मा का सहयोग रहा। सोमवार रात कमेटी के पदाधिकारियों ने व्यवस्था बनाने में सहयोग किया।
आती-जाती रही बिजली
बालैनी। मेले के दौरान पुरा को निर्बाध आपूर्ति के आदेश हवाई साबित हुए। सोमवार रात कईं बार बिजली कट लगे। हालांकि कुछ देर बार ही बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई।