बागपत के बड़ौत थाना क्षेत्र के हिलवाड़ी गांव के एक युवक की अलगाववादी नेताओं के संपर्क में होने की आशंका बनी हुई है। आरोपी युवक, पिछले पांच-छह दिन पूर्व ही जम्मू कश्मीर से अपने गांव में लौटा है। वह गांव के युवाओं को अपने मोबाइल में भड़काऊ भाषण सुनवाकर अपने साथ वहां पर जे लाने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसका पता चलते ही पुलिस और खुफिया एजेंसी में खलबली मच गई है। खुफिया तंत्र ने गांव में डेरा डाल दिया है। एजेंसी आरोपी युवक की हर गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। हालांकि बेहद संवदेनशील मामला होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक आरोपी से पूछताछ करने की जरूरत नहीं समझी है।
हिलवाड़ी गांव का युवक, करीब एक साल पूर्व गांव से बाहर गया था। पांच-छह दिन पूर्व ही वह अपने गांव में लौटा है। गांव से मिली जानकारी के मुताबिक उसने अपने साथियों को बताया कि वह जम्मू-कश्मीर में धार्मिक स्थान पर रहकर बच्चों को पढ़ाता है। चार दिन पूर्व वह रात के समय अपने गांव में एक दुकान पर पांच-छह युवकों के साथ बैठा हुआ था। उसने अपने मोबाइल से युवकों को भड़काऊ भाषण सुनवाया और धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली बातें की। युवक ने अपने साथियों को अपने साथ कश्मीर चलने के लिए कहा।
यहां तक की उसने अपने साथियों की जम्मू-कश्मीर के किसी नेता से भी बात कराई है। आरोपी युवक ने कहा कि रुपए की कोई कमी नहीं है। जितने रुपए चाहोगे एकाउंट में डल जाएंगे। उसने अपने साथियों को बताया कि वह एक साल पूर्व शामली के कैराना के युवक के साथ गया था। उसके साथ पड़ोसी गांव का भी युवक गया था। पुलिस उसकी गतिवधियों को संदिग्ध मानकर चल रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस युवक को आईस अथवा आईएसआई संगठन से भी जोड़कर भी जांच की जा रही है।
एएसपी विद्या सागर मिश्र का कहना है कि हिलवाड़ी का युवक, जम्मू-कश्मीर से लौटा है। उसकी गांव में गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हो रही है। उसके और उसके परिवार के बारे में जानकारी कराई जा रही है। उसी के आधार पर कार्रवाई होगी। गांव वालों ने बताया है कि ये युवक जम्मू-कश्मीर से प्रशिक्षण लेकर आया है। वह गांव के युवाओं को खुद को बचाने और दुश्मन पर वार करने का प्रशिक्षण दे रहा है। युवाओं को खेतों में अभ्यास कराता है।