दोघट। शामली जिले के बाबरी में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर जहरीला पदार्थ निगलने वाले सूर्या निवासी तमेलागढ़ी और स्वाति निवासी धनौरा की बातचीत चार साल पहले कॉलेज जाते समय हुई थी। स्वाति तब तमेलागढ़ी के कॉलेज में पढ़ने जाती थी। इसके बाद दोनों में प्यार हो गया। परिवार वालों के विरोध के बाद भी दोनों मिलते रहते थे, जिन्होंने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं और सोमवार को एक साथ जहरीला पदार्थ निगल लिया।
धनौरा टीकरी की रहने वाली स्वाति ने 12वीं तक की पढ़ाई तमेलागढ़ी गांव के कॉलेज में की, जबकि सूर्या ने दूसरे कॉलेज में 12वीं तक की पढ़ाई की। तमेलागढ़ी गांव में कॉलेज जाते समय स्वाति की बातचीत सूर्या से हो गई। इसके बाद दोनों में बातचीत होने लगी। 12वीं पास करने के बाद स्वाति ने बुढ़ाना के कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई शुरू कर दी, जो अब बीएससी तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही है। सोमवार को स्वाति घर से कॉलेज जाने की बात कहकर गई थी। इसके बाद बाबरी गांव के पास एक्सप्रेसवे पर कार में दोनों के जहरीला पदार्थ निगलने पर परिवार वाले वहां पहुंचे। इसमें सूर्या की मौत हो चुकी है और स्वाति की हालत चिंताजनक बताई जा रही है, जिसका मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
इकलौता बेटा था सूर्य
स्वाति के साथ जहरीला पदार्थ निगलकर जान गंवाने वाला सूर्या अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके परिवार में दो बहन हैं, इनमें एक की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी बहन एमएससी की छात्रा है। स्वाति का एक भाई है, जबकि उसकी मां की दस साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। दोनों के परिवार वाले खेती करते हैं।