संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। लोकसभा चुनाव वर्ष 2019 में डिबेट के दौरान मारपीट के मामले में रालोद के पूर्व विधायक समेत नौ नेताओं व कार्यकर्ताओं ने वारंट जारी होने पर कोर्ट में सरेंडर किया। जहां से उन सभी को जमानत मिल गई। हालांकि अन्य चार नेता कोर्ट में नहीं पहुंचे हैं, उनके जमानती वारंट चल रहे हैं।
रालोद नेताओं के वकील जयवीर सिंह तोमर ने बताया कि वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान बड़ौत के डालचंद कॉलेज में एक निजी चैनल ने डिबेट कार्यक्रम रखा था। जहां रालोद व भाजपा के नेताओं के साथ कार्यकर्ताओं में झगड़ा हो गया था। वहां कुर्सियां भी फेंकी गई थीं। उस मामले में पुलिस ने रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी निवासी बड़ौत, विकास प्रधान निवासी बाछौड़, गौरव तोमर निवासी पट्टी चौधरान बड़ौत, विश्वास चौधरी निवासी बड़ौत, अक्षय मलिक निवासी चांदनहेड़ी, अभिलाष निवासी पट्टी देशू बड़ौत, सभासद डॉ. इरफान मलिक निवासी बड़ौत, देवेंद्र निवासी जोनमाना, राहुल उर्फ कर्नल निवासी जोनमाना, आदित्य प्रधान निवासी जिवाना, मनीष गुप्ता निवासी आजाद नगर बड़ौत, बॉबी तोमर निवासी बावली के खिलाफ मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद किसी ने जमानत नहीं कराई तो सीजेएम कोर्ट से सभी के वारंट जारी कर दिए गए। इस मामले में सोमवार को पूर्व विधायक वीरपाल राठी, विकास प्रधान, गौरव, विश्वास चौधरी, अक्षय मलिक, अभिलाष, डॉ. इरफान मलिक, देवेंद्र, राहुल ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वकील जयवीर तोमर के अनुसार सभी को कोर्ट से जमानत मिल गई है।