निवाड़ा के निसार हत्याकांड का मामला, हाईकोर्ट से मिली थी आरोपियों को जमानत
22 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में होगी प्रकरण की अगली सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। कोतवाली क्षेत्र के निवाड़ा गांव के निसार हत्याकांड के आरोपियों की हाईकोर्ट से मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे कर दिया है। अभियोजन पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी। सुप्रीम कोर्ट में पीड़ित पक्ष की पैरवी पूर्व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने की।
डीजीसी सुनील पंवार और वादी के अधिवक्ता नरेश त्यागी ने बताया कि निवाड़ा गांव में 16 मई 2020 को निसार की हत्या कर दी गई थी। हमले में चार लोग घायल हुए थे। वादी हारूण ने 23 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जबकि पुलिस की जांच में छह अन्य नाम प्रकाश में आए थे। इनमें 11 लोगों पर हत्या और 18 लोगों पर साजिश रचने का आरोप था। निचली अदालत से जमानत खारिज होने के बाद बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी। 14 दिसंबर 2020 को हाईकोर्ट ने आरोपी फारूख, इसके अलावा 27 जनवरी 2021 को आरोपी इस्लामू, भुट्टो, इब्ने, इसरार व सुहेल और एक फरवरी 2021 को महताब को जमानत दे दी थी। जमानत के बाद सुहेल जेल से बाहर आ चुका है, जबकि अन्य गैंगस्टर की धारा में जमानत नहीं होने के कारण अभी तक जेल में ही बंद है।
हारूण ने बताया कि उन्होंने हाईकोर्ट के जमानत देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए 12 फरवरी 2021 को याचिका दाखिल की थी। पीड़ित पक्ष की जान को खतरा बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित पक्ष की याचिका स्वीकार कर ली। वादी पक्ष की पैरवी पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने की। 19 फरवरी को दिए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से दी गई आरोपियों को जमानत पर स्टे कर दिया है। जिन आरोपियों को जमानत मिल गई है, उन्हें जेल से नहीं छोड़े जाने के आदेश दिए गए हैं। डीएम, एसपी और जेल अधीक्षक को भी आदेश की कॉपी भेजी गई है। शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार ने बताया कि 22 मार्च 2021 को अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगी।