कृषि रक्षा अधिकारी ने दिए किसानों को एहतियात बरतने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। गन्ने की फसल को पोक्का बोईंग रोग का खतरा है। फसल में यह रोग फ्यूजेरियम मोनीलीफोरम नामक हवा जनित कवक से फैलता है। इस रोग के लगने पर फसल की पत्तियों व आधार पर सफेद रंग के धब्बे पड़ जाते है। फसल की पत्तियां चाकू से काटे जाने जैसी दिखाई देने लगती है।
कृषि रक्षा अधिकारी डॉ सूर्यप्रताप सिंह ने बताया कि बरसात होने के बाद गन्ने की फसल में पोक्का बोईंग रोग लगने का खतरा रहता है। रोग के नियंत्रण के लिए किसानों को फसल पर छिड़काव करना होता है। इससे फसल के बचाव के लिए किसान कार्बंडजिम 50 प्रतिशत डब्लूपी, एक किलोग्राम की दर से 500 से 600 पानी में घोल बनाकर या कॉपर आईसोक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्लूपी 500 ग्राम की दर से 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर या मेन्कोजेब 75 प्रतिशत डब्लूपी दो से ढाई किलोग्राम की दर से 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर फसल पर छिड़काव करें। रोग अधिक होने पर 15 दिनों बाद पुन: छिड़काव करना चाहिए।