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बुखार से छात्र समेत तीन लोगों की मौत

Sun, 04 Oct 2015 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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जिले में बुखार ने कहर बरपा रखा है। जानलेवा बुखार की चपेट में आकर छात्र समेत तीन की मौत हो गई। बुखार पर रोकथाम के लिए स्वास्थ्य महकमे की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जाने से नाराज लोगों ने जमकर हंगामा किया।
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शनिवार की शाम बागपत के पुराना कस्बे के राजेश उर्फ राजू की बुखार के कारण हालत बिगड़ गई। उसके भाई प्रमोद ने बताया कि राजेश को तीन पूर्व बुखार हुआ था। उसका कस्बे के ही प्राइवेट चिकित्सक से उपचार कराया गया। हालत में सुधार होने के बजाए उसकी और हालत बिगड़ गई।

राजेश को परिजन बड़ौत के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर चिकित्सकों ने बताया कि उसे गलत दवाई दी गई है। वहां से भी उसे रेफर कर दिया गया। बाद में उसे मेरठ लेकर पहुंचे। शनिवार देर शाम उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। उनका आरोप है कि प्राईवेट चिकित्सक द्वारा दी गई दवाई के कारण ही उसकी जान गई है।
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परिजनों ने चिकित्सक के खिलाफ जमकर हंगामा किया। इसके अलावा सरूरपुर गांव निवासी 12वीं का छात्र उमंग पिछले छह दिन से बुखार से पीड़ित था। उसका बड़ौत के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। रविवार को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।

इससे पहले गांव में बुखार से चार लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों की संख्या में लोग बुखार से पीड़ित है। गांव के सुभाष नैन, नरेश, जयपाल, संजीव का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कई बार गांव में कीटनाशक का छिड़काव और कैंप लगाकर मरीजों का उपचार कराने की मांग कर चुके हैं।

हालांकि अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। इस बारे में सीएमओ डॉक्टर रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि बुखार से हुई मौतों की उन्हें जानकारी नहीं है। चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।

उधर, खेकड़ा की नई बस्ती में जानलेवा बुखार के चलते कक्षा ग्यारह की छात्रा की मौत हो गई। गमगीन माहौल में उसका का अंतिम संस्कार कर दिया गया। नगर की नई बस्ती निवासी सुरेंद्र की पुत्री ज्योति तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। उसका निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था। रविवार को छात्रा की मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया।
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