बागपत के अमीनगर सराय के ग्राम डौला में बुधवार की रात किसान के घर में घुसे बदमाशों ने डकैती का विरोध करने पर दसवीं के छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए। ग्रामीणों ने बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
किसान इस्लाम के बेटे साजिद ने बताया कि रात करीब साढ़े 11 बजे बदमाशों ने उनका दरवाजे खटखटाते हुए खोलने को कहा। परिजनों ने गेट नहीं खोला। करीब आधा घंटे तक बदमाश गेट को पीटते रहे। इस दौरान उन्होंने अपने परिजनों को फोन करके मकान के बाहर बदमाशों के होने की जानकारी दी। काफी देर बाद मकान से काफी दूरी पर फायर होने और लोगों की आवाज सुनाई दी। गोली और शोर की आवाज सुनकर उसके भाई इमरान ने मकान का दरवाजा खोलकर देखा तो वहां घात लगा कर बैठे बदमाशों ने उसे गोली मार दी।
इमरान की मौके पर ही मौत हो गई। इससे गांव में शोर मच गया। बदमाश फायर करते हुए खेतों के रास्ते फरार हो गए। ग्रामीणों ने बदमाशों को काफी दूर तक पीछा किया, लेकिन वे फरार होने में कामयाब हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अफसर वहां पहुंचे और उन्होंने शव को कब्जे में ले लिया। साजिद ने सिंघावली अहीर थाना पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाना प्रभारी सुभाष चंद यादव का कहना है कि प्रथम दृष्टता मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। हर बिंदु पर जांच की जा रही है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
आज था इमरान का पेपर
बागपत। मृतक इमरान, कक्षा दस में पढ़ता था। बृहस्पतिवार को उसका पहला पेपर था। वह रात को अपनी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
छात्र के शरीर में मिले 65 छर्रे
बागपत। डौला गांव के छात्र इमरान की हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस अफसर देर रात ही मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। सिंघावली अहीर थाना प्रभारी सुभाष चंद यादव का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक इमरान को पेट के बराबर में सटाकर गोली मारी गई है। उसके शरीर में काफी छर्रे लगे हुए थे। 65 छर्रे बरामद भी हुए हैं।
एसओ का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृतक के भाई साबिर (वादी) के बयान अलग-अलग है। साबिर ने बयान दिया है कि बदमाशों ने दूर से (ईख के पास से) गोली मारी है। इसलिए बदमाश उन्हें दिखाई नहीं दिए थे। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतक को सटाकर गोली मारी गई है। इसके अलावा भी कई बिंदु संदिग्ध है।
पुलिस को सूचना दे देते तो पकड़े जाते बदमाश
बागपत। छात्र के परिजनों का कहना है कि दरवाजे खटखटाने के करीब डेढ़ घंटे बाद उन्होंने दरवाजे खोले हैं। उस समय बदमाश वहां पर ही मौजूद थे। लोगों का कहना है कि इस दौरान परिवार के लोग पुलिस को सूचना दे देते तो बदमाश पकड़े जाते।