बागपत के बड़ौत के ट्यौढी गांव में कक्षा बारह के एक छात्र की फांसी लगा कर हत्या कर दी गई। उसका शव रविवार को गांव के ही जंगल में एक पेड़ पर लटका मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर एडीएम, एएसपी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। परिजनों ने गौरव के दूसरे संप्रदाय के दोस्त पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
ट्यौढ़ी गांव निवासी गौरव (17) पुत्र सोहनवीर बड़ौत के एक कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र था। उसके चाचा मनोहर उर्फ मन्न ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि गौरव को शनिवार की शाम साढ़े सात बजे गांव का ही उसका दोस्त आस मोहम्मद घर से बुलाकर ले गया था। रात तक वह घर नहीं पहुंचा तो उन्होंने तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। रविवार की सुबह गांव के जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ गौरव का शव मिला तो सनसनी फैल गई।
परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो देखा कि पेड़ से लटके गौरव के पैर जमीन से लग रहे थे। आरोप था कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई है और आत्महत्या दर्शाने के लिए शव को पेड़ से लटकाया गया है। हत्या का आरोप आस मोहम्मद पर लगाया। मामले की सूचना पर एडीएम राकेश मालपाणी, एएसपी विद्या सागर मिश्र, सीओ सीपी सिंह और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पेड़ से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सीओ सीपी सिंह का कहना था कि गौरव के चाचा ने गांव के ही आस मोहम्मद को नामजद कराते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। मौत का स्पष्ट कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा।
परिवार में मचा कोहराम
बड़ौत। गौरव की मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। उसकी मां बबली बिलख-बिलख कर रो रही थी। परिवार की महिलाएं उसे ढांढस बंधाने में जुटी थी। गौरव तीन भाईयों में सबसे बड़ा था। उसके पिता सोहनवीर मध्य प्रदेश में कोल्हू का काम करते है और वे वहीं गए हुए है।
पुलिस को देख कर भागा
बागपत। मनोहर का कहना है कि उसके भतीजे गौरव की हत्या करने का आरोपी आस मोहम्मद, रविवार सुबह गांव में ही था। शव मिलने के बाद जब पुलिस उसे पकड़ने गई तो वह भागने लगा। पुलिस ने उसे पीछा कर पकड़ लिया।
दोस्त के लिए परिवार तक को छोड़ने को तैयार था गौरव
बागपत। मनोहर का कहना है कि गौरव के परिवार के सभी लोग उसे आस मोहम्मद के पास जाने से रोकते थे। मगर, उसने गौरव पर तांत्रिक क्रिया कर रखी थी। गौरव ने यहां तक कह दिया था कि वह अपने परिवार को छोड़ देगा, लेकिन उसके पास जाना बंद नहीं करेगा।
दो दिन पूर्व ही घर आया था गौरव
बागपत। मनोहर ने बताया कि आस मोहम्मद कपड़ा बेचने का काम करता है। कई बार गौरव उसके साथ गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में कपड़ा बेचने चला जाता था। कई बार उसे मना किया गया लेकिन नहीं माना। दो दिन पूर्व ही गौरव घर लौटा था।