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Baghpat News: कागजों पर चली क्लास में हुनरमंद हो गए विद्यार्थी

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बागपत। कौशल विकास के लिए जिन दो संस्थाओं को जिम्मेदारी दी गई, वे चार माह में एक मिनट भी विद्यार्थियों को प्रशिक्षण नहीं दे सकीं। अफसरों ने जब निरीक्षण किया तो खुलासा हुआ कि विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाने के लिए कागजों में क्लास चल रही थी। प्रशिक्षण नहीं देने पर भारतीय महिला कल्याण ईवीएम शोध संस्थान व नकेश वेंच्यूर प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट करने के लिए निदेशालय को रिपोर्ट भेजी गई है।
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प्रदेश सरकार ने कक्षा नौ व 11वीं के विद्यार्थियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देने के लिए प्रवीण प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। प्रोजेक्ट के तहत विद्यार्थियों को आईटी, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी एंड वेलनेस, कृषि रिटेल मैनेजमेंट व ऑटोमोबाइल आदि कोर्स कराया जाता है ताकि प्रशिक्षण लेकर विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ अपना हुनर दिखा सकें। इसके लिए जिले में 16 विद्यालयों का चयन कर सात संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन आठ विद्यालयों में विद्यार्थियों को पांच संस्थाएं प्रशिक्षण दे रही हैं।
सात विद्यालयों में दो संस्थाओं ने चार माह बाद भी प्रशिक्षण देना शुरू नहीं किया। वहां न तो कोई लैब बनाई गई है और न ही प्रोजेक्टर लगाया गया। चार माह से विद्यार्थी कौशल विकास का प्रशिक्षण लेने का इंतजार कर रहे हैं। शिकायत के बाद जब उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के जिला प्रबंधक आशुतोष कुमार ने निरीक्षण किया तो कागजों में प्रशिक्षण देने का खुलासा हुआ। प्रबंधक ने बताया कि दोनों संस्थाओं से प्रशिक्षण न देने का कारण पूछा गया तो कोई जवाब नहीं दिया।
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इसके बाद भारतीय महिला कल्याण ईवीएम शोध संस्थान व नकेश वेंच्यूर प्राइवेट लिमिटेड संस्था को ब्लैकलिस्ट करने के लिए निदेशालय को रिपोर्ट भेजी गई है, ताकि उन्हें किसी भी प्रोजेक्ट का टेंडर न मिल सकें। उन्होंने बताया कि दोनों संस्था पहले भी जिले में ब्लैकलिस्ट हो चुकी है, क्योंकि विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने में लापरवाही बरती गई थी।

300 घंटे का कोर्स कराने पर मिलते हैं चार हजार रुपये
जिला प्रबंधक आशुतोष कुमार ने बताया कि एक विद्यार्थी को 300 घंटे का कोर्स कराने पर चार हजार रुपये प्रदेश सरकार की तरफ से दिया जाता है। विद्यालयों में 150 दिन कक्षा चलानी होती है और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाती है। फिर संस्था को भुगतान किया जाता है।

सात विद्यालयों में पंजीकृत हैं 1470 विद्यार्थी
प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत सात विद्यालयों में 1470 विद्यार्थी का पंजीकरण किया गया था और दो संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी थी। इनमें भारतीय महिला कल्याण ईवीएम शोध संस्थान को दिगंबर जैन इंटर कॉलेज बड़ौत, शीलचंद इंटर कॉलेज अमीनगर सराय, जनता वैदिक इंटर कॉलेज बड़ौत, मुस्लिम इंटर कॉलेज असारा में 980 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनके अलावा नकेश वेंच्यूर प्राइवेट लिमिटेड के पास आदर्श इंटर कॉलेज डौला, सेंट मेरी इंटर कॉलेज रटौल, गांधी इंटर कॉलेज दोघट में 490 पंजीकृत विद्यार्थियों को प्रशिक्षण मिलना था।

- प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत आईटी का प्रशिक्षण लेने के लिए चयन हुआ था, लेकिन चार माह बाद भी संस्था द्वारा कोई भी प्रशिक्षण नहीं दिया गया। इससे काफी परेशानी हुई।
-रोहित, बड़ौत
- इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रशिक्षण लेने के लिए पंजीकरण किया गया था। प्रशिक्षण देने के लिए कोई भी संस्था नहीं आई है, जिससे सपना अधूरा रह गया।
-अरविंद, खेकड़ा

दो संस्थाओं ने विद्यार्थियों को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण नहीं दिया। उनको ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी की जा रही है और इसके लिए रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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-आशुतोष कुमार, जिला प्रबंधक उप्र कौशल विकास मिशन
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