बड़ौत में धरना जारी, 26 को दिल्ली पहुंचने का आह्वान
कृषि कानून वापस न लेने पर केंद्र सरकार का किया विरोध
बड़ौत। नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना शुक्रवार को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर 35वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान 26 जनवरी को अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया गया।
धरने पर आयोजित जनसभा में रालोद के युवा जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर ने कहा कि सरकार मनमानी पर उतर आई है। एक माह से अधिक समय से धरना चल रहा है, कई किसानों की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है। रालोद किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मोदी सरकार को मुंह तोड़ जवाब देगा। पूर्व विधायक डा. अजय कुमार, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट जयवीर सिंह तोमर, थांबेदार ब्रजपाल सिंह, थांबेदार जयपाल सिंह, आचार्य बलजोर सिंह, विक्रम आर्य, विकास बाछौड़, रणधीर सिंह राणा आदि ने 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली परेड में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। इसके बाद किसानों ने अपने पैरों के बीच लाठी फंसाकर, हाथ बंधवाकर और मुंह पर कृषि कानूनों को वापस लेने संबंधी, अडानी-अंबानी लिखे कागज लगाकर विरोध जताया। स्थानीय भाषा में इसे गोला-लाठी कहा जाता है।
धरने पर सभा की अध्यक्षता सुमेर सिंह आर्य ने की और संचालन बलजोर सिंह आर्य ने किया। इस अवसर पर दिल्ली से किसान संगठन से आए अखिलेश चौधरी, शहजाद अली, सोमदत्त शर्मा, संजीव तोमर, पवन त्यागी व स्थानीय किसानों में दरियाव सिंह, विपिन ढिकाना, सभासद आशुतोष तोमर, रामकुमार चेयरमैन, विकास मलिक एडवोकेट, संजय चन्ना बिजरौल, सागर एडवोकेट, मास्टर वीरेन्द्र आदि मौजूद रहे।