बागपत। शिव पुराण के अनुसार श्रावण का महीना भगवान शिव को प्रिय है। इस महीने में भगवान शिव की आराधना करने से आरोग्यता, यश और दीर्घायु की प्राप्ति होती है। इस बार श्रावण का महीना 30 दिन के बजाए 59 दिन का होगा। श्रावण मास चार जुलाई से शुरू होकर 31 अगस्त तक रहेगा। इस बार श्रावण के महीने में आठ सोमवार होंगे और प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव का पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि चार जुलाई से 17 जुलाई और फिर 17 अगस्त से 31 अगस्त तक शुद्ध श्रावण मास रहेगा, जबकि 18 जुलाई से 16 अगस्त तक पुरुषोत्तम मास रहेगा। पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु की कृपा रहती है। भगवान विष्णु और भगवान आशुतोष एक-दूसरे के आराध्य है। इस मास में सोमवार का व्रत करने से दोनों देवों का पूजन करने का फल मिलेगा। 15 जुलाई को शिवरात्रि का महापर्व मनाया जाएगा। इस दिन शनि प्रदोष व्रत होने से भगवान शिव का पूजन करना लाभकारी रहेगा। 15 जुलाई को रात्रि में आठ बजकर 33 मिनट पर चतुर्दशी का प्रवेश होगा। 21 अगस्त को नागपंचमी का पर्व मनाया जाएगा। 21 अगस्त को सोमवार का दिन नागों की पूजा करने के लिए अत्यंत शुभ रहेगा। इस दिन कालसर्प दोष की शांति कराने से धर्म, अर्थ, लाभ की प्राप्ति होगी। इस बार भगवान आशुतोष का पूजन करने से मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक और धनु राशि के जातकों को विशेष फल की प्राप्ति होगी।