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बदलते मौसम में गले की खराश बनी रही समस्या

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बड़ौत सीएचसी में प्रतिदिन पहुंच रहे 15 से 20 मरीज
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चिकित्सकों की सलाह, घबराएं नहीं, सेहत का ध्यान रखें
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बदलते मौसम में गले की खराश अथवा जुकाम के साथ सिरदर्द की समस्या के मरीज बढ़ रहे है। बड़ौत सीएचसी में रोजाना 200 मरीज आ रहे हैं, जिनमें से 15 से 20 मरीज इस तरह की बीमारियों से ग्रसित आते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इससे घबराने के बजाए चिकित्सक से सलाह लें और सतर्क रहें।
डिप्टी सीएमओ डॉ. विजय कुमार ने कहा कि बदलते मौसम में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे। गले में खराश और दर्द होना या जुकाम जैसी समस्या साइनस, मौसमी एलर्जी, ठंडे-गरम वातावरण में रहने तथा गलत खान-पान के कारण भी हो जाती है। इस तरह की समस्या होने पर घबराने के बजाए चिकित्सक से तत्काल संपर्क करें।
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जुकाम व खांसी होने के कारण
जिन लोगों को साइनोसायटिस, अस्थमा, एलर्जी या एसिडिटी की परेशानी है, उन्हें भी अकसर जुकाम व गले में खराश होने की समस्या हो जाती है। इसके अलावा सर्दी और गर्मी के कारण उल्टी होना भी सामान्य बात है। इस कारण भी गले में खराश व बलगम बन सकता है।
इस प्रकार करें बचाव
- मनोबल मजबूत बनाए रखें।
- व्यायाम व खान-पान का विशेष ध्यान रखें, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे।
- बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- दो गज की दूरी बरकरार रखें और समय-समय पर हाथ को साबुन से धोएं या सैनिटाइज करें।
- अचानक गला चोक होने पर या फिर सुनाई न देने की समस्या हो तो चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
- तीन दिन से अधिक बुखार, खांसी या जुकाम है तो गंभीरता से लें और जांच कराएं।
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