बागपत। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ पूनम राजपूत ने पानीपत के मजदूर की हत्या में दामाद समेत दो को दस-दस साल की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
पानीपत की विद्यानंद काॅलोनी में रहने वाले सरवर ने पांच अप्रैल 2023 को बागपत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। वादी ने बताया कि बहनोई सलीम निवासी खामपुर लुहारी ने उससे 12 हजार रुपये उधार लिए थे। इसका तकादा करने पर बहनोई और अन्य ससुराल वाले उसकी बहन को परेशान करने लगे।
आरोप है कि 29 मार्च को बहनोई सलीम उनके पास आया और रुपये देने के बहाने उन्हें सरूरपुरकलां गांव के जंगल में ईंट भट्ठे पर लेकर चले गए। वहां पर सलीम ने अपने भाइयों मेहंदी, भूरा और इद्दू के साथ मिलकर सरवर और उसके पिता अनवर पर लाठी डंडों से हमला कर दिया। गंभीर घायल उसके पिता अनवर को बागपत से मेरठ और वहां से दिल्ली रेफर कर दिया।
रास्ते में उसके पिता की मौत हो गई। पुलिस ने जांच के बाद सलीम और भूरा के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम राजपूत ने सलीम और उसके भाई भूरा को को दस सजा सुनाई।