लुहारी गांव में यमुना में नहाते समय एक छात्र की डूबने से मौत हो गई। मौत की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस को लिखकर दिया हम कोई कार्रवाई करना नहीं चाहते हैं। पुलिस ने पंचनामा भर शव परिजनों को सौंप दिया।
शुभम (12) पुत्र यशवीर सिंह निवासी गांव लुहारी कक्षा छह का छात्र था। वह सोमवार को शाम के समय साढ़े पांच बजे अपने दोस्त रमन समेत अन्य के साथ साइकिल पर सवार होकर गांव के घाट पर यमुना में नहाने गया । नहाते समय वह डूब गया। जब देर रात तक वह नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
मंगलवार की सुबह गांव का एक व्यक्ति यमुना में रेत लेने गया था तो शुभम की चप्पल और साइकिल यमुना के किनारे खड़ी देखी और उसने शुभम के परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन कुछ गांव के साथ यमुना घाट पहुंचे और इसकी सूचना पुलिस को दी।
कोतवाली प्रभारी वीके सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गांववासियों के साथ शुभम की यमुना में तलाश की। दो घंटे बाद उसका शव नजदीक के ही खेड़ी गांव के घाट के पास पड़ा मिला। परिजन और पुलिस शव को वहां से गांव ले आई। शव घर में पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरा गांव शोक में डूब गया। शुभम यशवीर का अकेला बेटा था।
उसकी दो बहन (बड़ी विदुल और छोटी बहन शिवानी) अपने भाई की मौत पर बिलख-बिलख कर रो रही थी। बाद में परिजनों ने पुलिस को लिखकर दिया हम इस मामले में कोई कार्रवाई करना नहीं चाहते है। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भर बिना पीएम कराए शव परिजनों को सौंप दिया।
नहाने गए दो बच्चे भी पुलिस और मीडिया के आगे आने से कतराएं
बड़ौत। शुभम के साथ नहाने गए दो बच्चों को उनके परिजन बताने को तैयार नहीं हैं। उसके साथ उनके ही परिवार का रमन और उसका एक साथी और गया था, जिसका नाम कोई बता नहीं रहा था। जब रमन के घर रमन के बारे में पूछा तो बताया वह अपने मामा के यहां गया हुआ है। मृतक के परिजन भी उन बच्चों के बारे में कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
बुढ़ापे का सहारा छिना
बड़ौत। शुभम की मौत पर पिता यशवीर और मां सुनीता का रोते-रोते बुरा हाल है। वे बार बार रोते-रोते बेहोश हो रहे हैं और कह रहे है कि अब उनका बुढ़ापे का सहारा भी चला गया। उनके घर पर महिलाओं व गांव के लोगों की भारी भीड़ जमा है और सबकी आंखें नम हैं।
कार्रवाई नहीं चाहते
बड़ौत। कोतवाली प्रभारी वीके सिंह ने बताया शुभम की यमुना में नहाने से डूबकर मौत हुई है। परिजनों ने कोई कार्रवाई न करने को लिखकर दिया है। इस पर उनके परिजनों को शव सौंप दिया है।