बागपत के गांगनौली गांव के खूनी कांड में लूटी गई एसएलआर को खेत में छुपाने में मदद करने के आरोपी रविंद्र को दोघट पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। वहां से उसे भेजा । जबकि वारदात को अंजाम देने और साजिश रचने के तीन आरोपी को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
गांगनौली गांव में पंकज राठी के घर में 10 अक्तूबर को खून खराबा हुआ था। उनकी माता सविता देवी, बहन प्रीति, नाना मांगेराम और उनकी सुरक्षा में लगे पीएसी के एचसीपी राकेश शर्मा, पुलिस लाइन के कांस्टेबल विजय कुमार की हत्या की और पीएसी के सिपाही प्रताप को बेहोश कर एसएलआर लूटी थी। पुलिस अफसरों ने सोनीपत के पंकज मान, हरीश और धनौरा गांव की प्रधान के पति सहदेव को गिरफ्तार कर सोमवार को केस का खुलासा कर दिया था।
मेरठ आईजी अजय आनंद ने बताया था आरोपियों ने असलाह लूटने के लिए वारदात को अंजाम दिया है। पंकज मान का इरादा अपने साथी हरीश के साथ मिलकर सोनीपत में एक परिवार की दीपावली पर हत्या करनी थी। गांगनौली घटना का सहदेव ने प्लान तैयार किया था। हत्या करने के बाद पंकज और हरीश लूटी एसएलआर को लेकर पैदल-पैदल बुढ़पुर के जंगल में पहुंचे। वहां उन्होंने रविंद्र निवासी बुढ़पुर के साथ मिलकर गड्ढे में एसएलआर को दबाया था। रविंद्र ने उनकी मदद की थी। यहां तक कि हरियाणा पहुंचाने में भी उनकी काफी हेल्प की थी। आरोपी रविंद्र फरार चल रहा था। मंगलवार को पुलिस ने उसे पकड़ लिया। दोघट थाना प्रभारी चंद्रकांत पांडेय ने कहा लूटी गई एसएलआर को छुपाने में शामिल रहे आरोपी रविंद्र को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया