बड़ौत। सिलाई-कढ़ाई, पेंटिंग, सजावटी वस्तुएं बनाने का हुनर सीखकर महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की राह पर चल रही हैं। यह अपने हुनर से खुद कमाई कर रही हैं तो समाज की अन्य महिलाओं को जागरूक कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
शेरपुर गांव की रहने वाली अंशु शर्मा ने घर पर ही सिलाई व कढ़ाई सेंटर खोल रखा है। जिस पर अपने साथ अन्य महिलाओं को भी हुनर के साथ रोजगार दिया हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले उसने अकेले सेंटर शुरू किया था, मगर धीरे-धीरे काम बढ़ता गया तो उसने अपने साथ 10 से अधिक महिलाओं को अपने साथ जोड़ लिया है। अंशु यहां से कमाई करने के साथ महिलाओं को सिखाने का भी काम कर रही हैं।
शेरपुर की सावित्री घर पर मिट्टी के बर्तन, दीए आदि बनाने का काम कर रही हैं। इन्होंने भी अपने साथ गांव की कई महिलाओं को जोड़ा हुआ है। सब एक साथ मिलकर काम करती हैं, जिससे सभी की कमाई होती है। इससे घर के खर्च में सहयोग करती हैं। बताया कि होली व दीपावली पर मिट्टी के बर्तनों की अधिक मांग रहती है, उस समय ज्यादा कमाई होती है।
बड़ौत निवासी कुसुम नगर की बावली चुंगी पर नर्सरी चला रही हैं। यहां पर विभिन्न प्रकार के फल व फूलों की खेती कर पौधों को बेचने का काम करती हैं। इनके अलावा फूलों के पौधे रखने के लिए कुछ सजावटी स्टैंड बना रखे हैं, जिन्हें भी काफी पसंद किया जा रहा है। इनके अलावा नगर के गुराना रोड की कांता राजपूत कढ़ाई सेंटर व बिजरौल रोड की ज्योति पेंटिंग व सजावटी सामान बनाकर अपने हुनर से कमाई कर आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रही हैं, जो समाज में एक जागरुकता फैलाने का काम कर रही हैं।