बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के स्वागत के लिए उनके पैतृक गांव हिसावदा में लगाए गए गुब्बारे फटने से छह बच्चे झुलस गए। इनमें चार की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल से हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है। गुब्बारों में हाइड्रोजन, हीलियम या अन्य कौन सी गैस भरी थी, इसको लेकर संशय बना हुआ है, प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
बिहार के राज्यपाल बनने के बाद सत्यपाल मलिक शनिवार को पहली बार अपने पैतृक गांव पहुंचे थे। उनके अभिनंदन में इंडिया इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल पर एक रस्सी में बांधकर गुब्बारे लगाए गए थे।
राज्यपाल के जाते ही बच्चों में इन गुब्बारों को लेने के लिए छीनाझपटी हो रही थी कि अचानक धमाके के साथ गुब्बारे फट गए और बालक चिंटू, बादल, सागर, रोहित, आकाश और साहिल झुलस गए। घायल बच्चों की उम्र दस से 12 साल के बीच बताई जा रही है।
एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव ने बताया कि साहिल का घर पर ही उपचार कराया गया जबकि सागर जिला चिकित्सालय में भर्ती है। चिंटू, बादल, रोहित और आकाश को हायर सेंटर दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया है। रोहित की हालत गंभीर बनी हुई है।
राज्यपाल के अभिनंदन के दौरान पटाखे भी छोड़े गए थे। यही नहीं जिस वक्त वह मंच पर थे एक बुजुर्ग ने मंच के सामने तेज पटाखा छुड़ाया। गुब्बारों में भरी गैस और पटाखों की स्थिति की भी पड़ताल कराई जा रही है।
हाईड्रोजन का आक्सीजन के साथ रिएक्शन संभव
बागपत। दिगंबर जैन कॉलेज बड़ौत में रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरके प्रजापति कहते हैं कि इस घटना से गुब्बारों में हाइड्रोजन की संभावना अधिक है। जब गुब्बारे फटे तो हवा में मौजूद आक्सीजन के साथ रिएक्शन होने यह हादसा हो सकता है। हीलियम ठंडी गैस है, उससे ऐसा होने की संभावना नहीं है।
हिसावदा का हादसा दुखद : सत्यपाल मलिक
बागपत। बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि उन्हें रास्ते में इसकी जानकारी मिली है, यह हादसा बेहद दुखद है। इलाज में बच्चों के परिवार की पूरी मदद की जाएगी।