बागपत के भड़ल गांव के आर्यन हत्याकांड में पुलिस ने फर्जी आईडी पर बदमाशों को सिम बेचने वाले दुकानदार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।
भड़ल गांव में लगे कांवड़ सेवा शिविर से आर्यन को बदमाश अगवा कर ले गए और उसे छोड़ने के बदले में उसे के पिता से डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। फिरौती ने देने पर बदमाशों ने अगले दिन आर्यन की हत्या कर उसका शव बैग में डालकर हिंडन में फेंक दिया था। कई दिन बाद उसके शव को थाना जानी जनपद मेरठ क्षेत्र से नदी से बरामद कर लिया गया था। इस मामले में पुलिस की काफी फजीहत हुई थी। चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस आज तक एक भी बदमाशों का पता नहीं लगा पाई है। फिरौती मांगने में जिस सिम का प्रयोग किया गया था, पुलिस ने वह सिम कहां से खरीदा गया था, इसका पता लगाकर मोबाइल सिम कंपनी के दो डिस्टीब्यूटरों प्रवीण त्यागी व अरुण वर्मा निवासी लोनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस मामले में फर्जी आईडी पर बदमाशों को सिम देने वाला दुकानदार फरार चल रहा था, जिसे पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम लोनी से गिरफ्तार कर लिया है। एसओ दोघट सुरेंद्र नाथ ने बताया कि पकड़ा गया रिटेनर संजय सैनी निवासी घूपना मोड़ लोनी जनपद गाजियाबाद को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसे पुलिस को बताया है कि पूर्व में जेल गए प्रवीण व अरुण ने उसे सिम एक्टिवेट कर बेचने के लिए दिया था, जो लोग उससे यह सिम खरीदकर ले गए थे, उन्हें वह नहीं जानता। एसओ ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल बदमाशों का पता लगाने के लिए पुलिस लगी हुई है। पुलिस ने पकड़े गए रिटेनर को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।