नेहरू रोड स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का रथयात्रा के साथ शुभारंभ हुआ।
मंगलवार की सुबह पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से केसरिया वर्षों से सुसज्जित महिलाओं द्वारा रथयात्रा निकाली गई जो मंदिर से चलकर अतिथि भवन गांधी रोड होते मंदिर परिसर में समाप्त हुई। यहां विधि विधान और भक्ति संगीत के साथ विधानाचार्य मुन्नालाल जैन ने विधान शुरू कराया।
प्रारंभिक क्रियाएं संदीप जैन और प्रदीप जैन ने की। जिनेंद्र महा अर्चना मुकेश जैन ने झंडारोहण किया। शांति धारा सौधर्म इंद्र सुभाष चंद जैन ने की। मदनलाल, संदीप जैन, धनेंद्र कुमार जैन और सतेंद्र जैन ने दीप प्रज्ज्वलन किया। जिन वाणी स्थापना रविंद्र जैन, यज्ञ नायक राजकुमार जैन ने कराई।
भगवान नेमिनाथ के निर्माण महोत्सव पर 22 किलोग्राम का लड्डू चढ़ाया। इसे चढ़ाने का सौभाग्य सुभाष चंद जैन को मिला। विधानाचार्य मुन्ना लाल जैन शास्त्री ने बताया सिद्ध चक्र महामंडल महाअर्चना जैन दर्शन का एक ऐसा विधान है जो सर्वव्यापी एवं सर्वमान्य है। यह विधान आत्मकल्याण का साधक है। जो जीव अपना हित चाहते हैं, उन्हें जीवन में एक बार इस विधान को अवश्य कराना चाहिए।
विधान में प्रथम दिन आठ अर्घ्य समर्पित किए । सायं भक्ति संगीत के साथ 108 दीपकों से महाआरती की गई। संदीप जैन ने संचालन में प्रतियोगिता धार्मिक तंबोला का आयोजन किया। इसमें प्रतियोगिताओं ने भरपूर आंनद उठाया। इसमें प्रदीप जैन, नवीन जैन, जिनेश जैन, रवि जैन, बादल जैन, राज कुमार, विक्की जैन, आदिश जैन, रविंद्र जैन, सुभाष चंद जैन आदि का सहयोग रहा।