मीटर उपलब्ध न होने के कारण कनेक्शन देने में हो रही देरी
फूंके मीटर को बदलने को लेकर रोजाना हंगामा करते है उपभोक्ता
बड़ौत। पीवीवीएनएल की महत्वाकांक्षी झटपट कनेक्शन योजना को मीटरों की कमी से पलीता लग रहा है। कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी उपभोक्ताओं के यहां कनेक्शन नहीं हो रहे हैं। साथ ही मीटर उपलब्ध नहीं होने से कनेक्शन देने में देरी हो रही है। आलम यह है कि रोजाना उपभोक्ता संबंधित बिजलीघरों पर हंगामा कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
घर-घर बिजली कनेक्शन देने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है। इस योजना मेें एक योजना झटपट कनेक्शन योजना भी है। इसके तहत उपभोक्ताओं को तत्काल प्रभाव से कनेक्शन देने का प्रावधान है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते इस योजना को जमकर पलीता लगाया जा रहा है। विगत सात माह से जनपद में मीटर की भारी कमी चल रही है। इससे विद्युत निगम की झटपट योजना पर संकट खड़ा हो गया है। सूत्रों के अनुसार विद्युत चेकिंग अभियान के बाद कनेक्शन लेने वालों की संख्या बढ़ गई है। ग्रामीणों को कनेक्शन देेने के लिए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देशन में झटपट कनेक्शन योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत आवेदक को जरूरी दस्तावेज के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन की मौके पर जाकर जांच की जाती है। रिपोर्ट के बाद मीटर लगाकर आवेदक का कनेक्शन चालू कर दिया जाता है, लेकिन विद्युत निगम से मिले आंकड़ों के मुताबिक मीटर की भारी कमी के चलते वेबसाइट पर लगभग सैकड़ों कनेक्शन लंबित हैं। इससे रोजाना नगर सहित देहात क्षेत्र के उपभोक्ता संबंधित बिजलीघरों में हंगामा भी कर रहे हैं।
एक्सईएन (विद्युत) प्रथम गोपाल सिंह ने बताया डिवीजन प्रथम मेें लगभग 2000 मीटर इस समय फूंके पड़े हैं, जबकि एक्सईएन द्वितीय डिवीजन में भी लगभग ढाई से तीन हजार मीटर फूंके पड़े हैं। जनपद के अन्य डिवीजनों का भी यहीं हाल है, ऊपर से खपत के अनुसार मीटर नहीं मिल रहे हैं। एसडीओ (मीटर) प्रभात भास्कर ने कहा वर्तमान समय में जनपद में बिजली के मीटरों की भारी कमी है। इसके लिए डिमांड भेजी गई है। मीटर मिलने के बाद भी समस्या हल हो सकती है।
उपभोक्ता बोले
विद्युत निगम के उपभोक्ता राज कुमार, रवि, कमल और कमल नैन ने कहा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लो और हाई वोल्टेज सहित अन्य कारणों के कारण बिजली के मीटरों में तकनीकी खराबी आ चुकी है। इस संबंध में कई बार विद्युत निगम के अफसरों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं में विद्युत निगम के अफसरों के प्रति गुस्सा पनप रहा है। नाराज लोग कभी भी सड़क पर उतर कर आंदोलन कर सकते हैं।