बागपत। जिले में चिकित्सकों की कमी होने से छह महीने बाद भी डौला सीएचसी पर इमरजेंसी सेवा शुरू नहीं हो पाई है। चिकित्सकों की कमी से बड़ौत सीएचसी में भी इमरजेंसी सेवा प्रभावित हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि सीएचसी पर इंमरजेंसी सेवा बंद होने की कगार है।
मानक के अनुसार सीएचसी पर पांच एमबीबीएस चिकित्सकों के पद हैं जबकि वर्तमान स्थिति यह है कि जिले की अधिकांश सीएचसी पर चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं होने से डौला सीएचसी पर इमरजेंसी सेवा शुरू नहीं पाई है और बड़ौत सीएचसी पर चिकित्सकों की कमी के कारण इमरजेंसी सेवा की सुविधा बंद होने की कगार पर है। इससे इमरजेंसी में मरीजों को जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए विवश होना पड़ता है। इसके अलावा पिलाना और बिनौली सीएचसी में भी एमबीबीएस चिकित्सकों की कमी है। पिलाना सीएचसी और बड़ौत सीएचसी पर अधीक्षक सहित तीन एमएमबीएस चिकित्सक है, जबकि बिनौली सीएचसी पर तीन पद रिक्त चल रहे हैं।
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सीएचसी रिक्त पद
बागपत 00
बड़ौत 03
पिलाना 03
छपरौली 04
सरुरपुर कलां 04
बिनौली 02
खेकड़ा 04
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वर्जन - जिले की बड़ौत, पिलाना और बिनौली सीएचसी में एमबीबीएस चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सकों की कमी के कारण डौला सीएचसी पर इमरजेंसी सेवा शुरू नहीं हो पाई है और बड़ौत सीएचसी में इमरजेंसी सेवा बंद होने की कगार पर है। शासन से चिकित्सकों की नियुक्ति कराने की मांग की गई है। - डॉ. महावीर सिंह, सीएमओ