सियासी सूरमाओं को झटका, एससी महिला के सिर बंधेगा ताज
शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण किया फाइनल
पहली बार एससी महिला बनेंगी बागपत की जिला पंचायत अध्यक्ष
सात लाख 93 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की नई नीति से बागपत की सियासत का गणित बदल जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित कर दी गई है। यह पहला मौका होगा, जब एससी वर्ग की महिला के सिर पर पगड़ी बंधेगी। अभी तक जिला पंचायत में जाट और यादव बिरादरी का दबदबा रहा है। साल 1997 में जिला बनने के बाद से जिला पंचायत की राजनीति में यह सबसे बड़ा फेरबदल है।
शासन ने शुक्रवार को तय कर दिया कि जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित रहेगा। आरक्षण की नई नीति से तैयारियों में जुटे सियासी सूरमाओं को जोर का झटका लगा है। हालांकि अभी तक दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर महिलाएं काबिज हो चुकी हैं। जिला बनने के बाद पहली बार स्वर्गीय शकुन यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं थीं। साल 2015 में आरक्षण पिछड़ी जाति महिला के लिए तय हो जाने के कारण रेणू धामा अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुई थीं। यादव और जाटों के बाद अब तीसरा मौका ऐसा होगा, जब अनुसूचित जाति वर्ग की महिला के सिर पर पगड़ी बंधने जा रही है। चक्रानुक्रम नीति के चलते बागपत जिला पंचायत एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुई है। अब देखने वाली बात होगी कि अन्य बिरादरियों के दिग्गज किसे आगे करते हैं।
इस बार जिला पंचायत में 20 वार्ड
रटौल गांव के नगर पंचायत बन जाने के बाद इस बार जिला पंचायत में 20 वार्डों पर चुनाव होगा। नए सिरे से जिला पंचायत के वार्डों का परिसीमन किया गया है। वार्ड 13 से 20 तक बदलाव हुए हैं। चुनाव में 7,93,600 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
बागपत की स्थिति
ग्राम पंचायत-244
ग्राम पंचायत सदस्य-3322
जिला पंचायत वार्ड-20
न्याय पंचायत-46
बीडीसी-505
कब कौन रहा जिला पंचायत अध्यक्ष
1997 डीएम, प्रशासक
1997-1998 आनंद पाल, प्रभारी
1998-2001 शकुन यादव
2001-2005 ओमकार यादव
2005-2010 रेणू धामा
2010-2015 योगेश धामा
2015-2020 रेणू धामा