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श्राद्ध के पहले दिन पांच करोड़ का झटका

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- श्राद्ध में कपड़ा और वाहन खरीद पर पूरी तरह लग जाता है ब्रेक
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। कोरोना काल में मुसीबत से जूझ रहे व्यापारियों और बाजार को अब श्राद्ध के 15 दिनों में करोड़ों रुपये का घाटा होगा। पहले ही दिन करीब पांच करोड़ रुपये के घाटे का अनुमान है। श्राद्ध में सबसे ज्यादा असर कपड़े की मार्केट पर पड़ता है। कोरोना के कारण बाजार प्रभावित हुआ है, लेकिन रेडिमेड और अन्य दुकानों का औसत करीब 90 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये के कारोबार का है। ऑटोमोबाइल में 75 लाख और सर्राफा कारोबार करीब डेढ़ करोड़ का कारोबार है। इसके अन्य सेगमेंट में करीब दो से ढाई करोड़ का कारोबार जिले में रोजाना होता है। ऐसे में श्राद्ध में यह कारोबार प्रभावित हुआ है।
किसने क्या कहा
- दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित बाइक शोरूम संचालक श्रवण तोमर का कहना है कि पहले तो श्राद्ध के 15 दिनों तक एक भी ग्राहक शोरूम पर नहीं आता था। मगर, कोरोना काल में लोग घर में ही रहे। उम्मीद है कि लोग खरीदारी करेंगे।
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- ज्वैलर्स जिनेन्द्र जैन का कहना है कि श्राद्ध में खरीददारी कम होती है। पहले से तय किए गए धार्मिक या फिर वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए लोग सोना खरीदने आ जाते है, लेकिन श्राद्ध में व्यापार पर बुरा असर पड़ता है।
- कपड़ा व्यापारी अनुज जैन का मानना है कि श्राद्ध में व्यापार बुरी तरह से चौपट हो जाता है। कोई भी व्यक्ति नया कपड़ा खरीदने नहीं आता। श्राद्ध में खरीदारी को अशुभ माना गया है।
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बाजारों में रही भीड़, जरूरत का सामान खरीदा
बड़ौत। भले ही इस समय श्राद्ध माह चल रहा हो, लेकिन युवा पीढ़ी वर्षो पुरानी परंपराओं को तोड़कर खरीददारी करती नजर आ रही है। बिजरौल रोड निवासी वीरेंद्र सिंह ने नए कपड़े खरीदे। उनका कहना है कि जरूरत का सामान तो खरीदना ही पड़ता है। कोरोना के कारण पहले से ही परेशान हैं। ऐसे में शुभ और अशुभ का झंझट छोड़कर खरीदारी की है।
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